पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में 14 नवंबर को एक शव की बरामदगी ने स्थानीय पुलिस के लिए एक चुनौती पेश की। यह शव खमाणों के गांव जटाणा नीचा के निकट पाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने इसे हत्या का मामला घोषित करते हुए जांच आरंभ की। अब, पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति मोहाली के एक कैटरिंग ठेकेदार और उसके साथी हैं, जिन्होंने एक वेटर की हत्या की है। मामला तब बढ़ा जब पता चला कि वेटर और ठेकेदार की बहन के मध्य प्रेम संबंध थे।
पुलिस अधीक्षक डा. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि मृतक सुंदर कुमार, जिसे सुनील के नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड के चमोली जिले का निवासी था। सुनील मोहाली के सेक्टर-57 स्थित एक किराए के मकान में रह रहा था और अजय यादव नामक कैटरिंग ठेकेदार के लिए काम कर रहा था। ज्यानुअल ठेकेदार अजय यादव बिहार के पश्चिम चंपारण का निवासी है और मोहाली के साहीमाजरा फेस-5 में अपनी कैटरिंग व्यापार का संचालन कर रहा है। सुनील के ठेकेदार के परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध बन जाने से Aजय यादव की चिंताएँ बढ़ गईं।
13 नवंबर की रात जब अजय यादव को सुनील और उसकी बहन के बीच के रिश्ते का पता चला, तो उसने सुनील की हत्या की योजना बनानी शुरू की। अजय ने सुनील को काम के बहाने बुलाया और अपने मित्र आनंद चौरसिया को भी इस कृत्य में शामिल किया। दोनों ने सुनील को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठाकर उसे घुमाते-घुमाते जटाणा नीचा के निकट ले गए। अंधेरे का लाभ उठाते हुए सबसे पहले उन्होंने रस्सी से सुनील का गला घोटा और फिर बेरहमी से चाकू से 30 से 40 वार किए।
पुलिस ने आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग करके इस मामले में आरोपियों तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की। अब दोनों आरोपियों का रिमांड लेकर उन्हें गहन पूछताछ के लिए ले जाया गया है। इस त्रासद घटना ने स्थानीय समुदाय में भय का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस प्रशासन को इस प्रकार के अपराधों पर काबू पाने के लिए सक्रिय कदम उठाने में जुटना पड़ा है। मामले की गहराई और जटिलता को देखते हुए पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है, ताकि इस वारदात के पीछे के अन्य कारणों और संभावित सह-आरोपियों का भी पता लगाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि व्यक्तिगत संबंधों में समस्याएँ कभी-कभी अपराध की गंभीर घटनाओं में बदल सकती हैं, जो समाज में स्थिरता को प्रभावित करती हैं। पुलिस की कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई ने हमें इस जघन्य अपराध के सामने लाने में सफलता हासिल की है। अब देखना यह होगा कि आगे की तफ्तीश से और क्या तथ्य उजागर होते हैं।