केंद्रीय मंत्री ने ट्रैक्टर से पराली गांठकर किसानों से अपील की- आग न लगाएं!

केंद्रीय राज्य मंत्री आवास एवं शहरी मामले, तोखन साहू ने मोगा जिले में आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों के साथ चर्चा की और विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विचार किया। अपनी इस समीक्षा के दौरान, केंद्रीय मंत्री साहू ने खेतों में ट्रैक्टर चलाकर पराली की गांठें बनाने की प्रक्रिया का भी अनुभव लिया, जिससे उन्होंने आम किसानों की समस्याओं को और बेहतर ढंग से समझा।

मंत्री साहू ने इस अवसर पर पंजाब में घटते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे धान की खेती से बाहर निकलकर फसल विविधीकरण अपनाएं। उनका कहना था कि जल संसाधनों का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही, उन्होंने फसल अवशेषों को आग न लगाने की बात कही और इसे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका मानना था कि यदि किसान फसल अवशेषों का सही तरीके से प्रबंधन नहीं करेंगे, तो इससे न केवल खेतों की उर्वरता कम होगी, बल्कि प्रदूषण का स्तर भी बढ़ेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने मोगा जिले के प्रदर्शन की तारीफ की, विशेष रूप से कार्यक्रम के मापदंडों को पूरा करने के लिए। उन्होंने बताया कि 2018 में इस कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से मोगा को लगभग 14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसका उपयोग स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बुनियादी ढांचे, कृषि तथा वित्तीय विकास के लिए किया गया है। मंत्री साहू ने मोगा जिले के विकास को आकांक्षी जिलों की सूची में उल्लेखनीय बताया और आशा जताई कि अन्य जिले भी इसी प्रकार निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

इसके अलावा, उन्होंने किसानों से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि में नवाचारों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि किसान आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करें, जिससे न केवल उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव कम होगा। उनका संदेश था कि सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके और वे sustainable farming की दिशा में आगे बढ़ सकें।

कुल मिलाकर, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू का यह दौरा मोगा जिले के विकास और किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए संकल्प लिया है, जिससे न केवल मोगा, बल्कि पूरे पंजाब में कृषि के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव हो सकेगा।