पंजाब की मॉडल से एक्टर में तब्दील हुई हिमांशी खुराना के पिता कुलदीप खुराना को फिल्लौर कोर्ट ने 14 दिनों के लिए जेल में भेजने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई उनके ऊपर उन पर लगे आरोपों के बाद की गई है, जिसमें यह कहा गया है कि उन्होंने गोराया में लगभग 5 महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी पर तैनात नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की और गाली-गलौज की। इस मामले में कुलदीप खुराना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था।
पुलिस के अनुसार, थाना गोराया के एसएचओ पलविंदर सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि कुलदीप खुराना को ड्यूटी के दौरान काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब नायब तहसीलदार जगपाल सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि जब वे अपने ऑफिस से निकलकर ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी कुलदीप खुराना ने उनके साथ गाली-गलौज की। इस घटना का एक कर्मचारी द्वारा बनाये गए वीडियो के आधार पर पुलिस ने कुलदीप के खिलाफ FIR दर्ज की।
बातचीत में थाना प्रभारी हरप्रीत सिंह ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस कुलदीप खुराना की तलाश में जुटी हुई थी। लुधियाना में कई बार छापेमारी की गई, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुलदीप खुराना अपने घर पर मौजूद हैं। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके घर पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद कुलदीप खुराना को कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी किया। उन्हें कपूरथला जेल में रखा गया है। यह मामला न केवल हिमांशी खुराना के परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चर्चा का विषय बन गया है। कुलदीप खुराना की गिरफ्तारी से सेलेब्रिटी तथा राजनीति के बीच की तमाम जटिलताओं को उजागर किया है।
इस तरह की घटनाएं समाज में एक नकारात्मक संदेश भेजती हैं, और यह जरूरी है कि कानून का पालन किया जाए, चाहे वह किसी भी क्षेत्र से हों। कुलदीप खुराना के खिलाफ कार्रवाई यह दर्शाती है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। फिलहाल, इस मामले का अगला चरण यह तय करेगा कि कुलदीप खुराना को किस प्रकार की सजा मिलती है, और क्या इस घटना का हिमांशी खुराना के करियर पर कोई प्रभाव पड़ेगा।