गुरदासपुर में सड़क पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म, जानिए हैरान कर देने वाली वजह!

गुरदासपुर जिले के दीनानगर में एक अनोखा और साहसी मामला सामने आया है, जब एक महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया। संकट के इस क्षण में शरबत दा भला वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने फौरन मदद के लिए कदम बढ़ाया और महिला और नवजात को सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में नवजात की स्थिति गंभीर पाई गई, जिसके बाद उसे अमृतसर के लिए रेफर कर दिया गया है।

यह घटना एक फिरोजपुर निवासी महिला के साथ हुई, जिसने अपने पति कन्नी के साथ मिलकर गाँव-गाँव घूमकर चादरें बेचने का काम किया। उनकी दिनचर्या में आज कुछ असाधारण हुआ। जब कन्नी और उनकी पत्नी दीनानगर में अपने काम में व्यस्त थे, महिला को अचानक पेट में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसकी वजह से स्थिति गंभीर हो गई। ताज्जुब की बात यह है कि जब वे मोटरसाइकिल पर अस्पताल की ओर बढ़ रहे थे, तो रास्ते में ही महिला सड़क पर गिर गई और तड़पने लगी। इसी समय उसने बच्चे को जन्म दिया।

इस घटना को लेकर शरबत दा भला वेलफेयर सोसाइटी के एक प्रमुख सदस्य बचितर सिंह ने बताया कि वे और उनके साथी दिलप्रीत सिंह बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जा रहे थे। जब वे स्वामी विवेकानंद स्कूल के पास पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कुछ लोग महिला के चारों ओर खड़े हैं। जब उन्होंने नजदीक जाकर देखा, तो पाया कि महिला बच्चे को जन्म दे रही है और चारों ओर खून था। बिना समय गंवाए, उन्होंने महिला को उठाया और सिविल अस्पताल लेकर गए।

महिला और उसके नवजात बच्चे के जीवन को तब एक नई आशा मिली जब शरबत दा भला वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने त्वरित कार्यवाही की। उनकी तत्परता ने न केवल महिला की जान बचाई, बल्कि नवजात के लिए भी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। अस्पताल में उपचार के दौरान, चिकित्सा कर्मियों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे अमृतसर रेफर किया, जहाँ बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।

इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय की सहायता की भावना को उजागर किया, बल्कि समाज में परस्पर सहयोग का एक ज्वलंत उदाहरण पेश किया। ऐसे कठिन समय में जब लोग आपस में मिलकर मदद करते हैं, तो यह एक प्रेरणा प्रदान करता है कि किस प्रकार सामुदायिक सहयोग और सहानुभूति से किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।