पंजाब के बरनाला में तपा मंडी के तहसीलदार की गिरफ्तारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। तहसीलदार सुखचरणप्रीत सिंह को कथित रूप से रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस ने पकड़ लिया है। इस गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब रेवेन्यू एसोसिएशन ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सभी तहसीलों को बंद कर दिया और सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया। आज पंजाब के विभिन्न हिस्सों से राजस्व विभाग के अधिकारी बरनाला में विजिलेंस के दफ्तर के सामने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान, पंजाब रेवेन्यू एसोसिएशन के नेता लक्ष्मण सिंह, अमित कुमार और लैथम सिंगला ने स्पष्ट किया कि तहसीलदार सुखचरणप्रीत सिंह एक ईमानदार अधिकारी हैं, जो लंबे समय से विभाग के अधिकारियों की समस्याओं को उठाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि यह मामला पूरी तरह से झूठा है और इसे राजनीतिक इरादों से प्रेरित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विजिलेंस ने एक सामान्य रजिस्ट्री मामले को गंभीरता से लेकर उन्हें फंसाया है, जिसका संगठन विरोध करेगा।
सभी अधिकारी आम सहमति से हड़ताल पर हैं, और पंजाब भर में तहसीलें बंद हैं। उन्होंने कहा कि उनके संघ की मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा है, जो कि सुखचरणप्रीत सिंह के नेतृत्व में काफी समय से उठाई जा रही थीं। यदि सरकार इस झूठे मामले को खारिज नहीं करती है, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लेंगे। उन्होंने चेताया कि अगर ऐसा हुआ, तो इसके लिए विजिलेंस और पंजाब सरकार जिम्मेदार होंगी।
वहीं, विजिलेंस के डीएसपी लवप्रीत सिंह ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि तहसीलदार की गिरफ्तारी पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करके की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता से की जाएगी। विभाग को राजस्व अधिकारियों की हड़ताल की जानकारी एकत्रित हुई है और एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएसपी ने विश्वास दिलाया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच अदालत के समक्ष पेश की जाएगी।
इस विवाद ने न केवल सरकारी तंत्र में हलचल मचा दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या भ्रष्टाचार के मामले में इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक दबाव का परिणाम है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का यह आंदोलन इस ओर इशारा करता है कि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान और ईमानदारी के प्रति सुरक्षा की आवश्यकता है। अब देखना यह है कि इस मामले का आगे क्या विकास होता है और क्या सरकार उनकी मांगों पर गौर करती है।