फाजिल्का जिले में अनिवार्य पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत विधायक नरेंद्रपाल सवना की पत्नी खुशबू सावनसुखा सवना द्वारा की गई। उन्होंने अभियान के तहत बच्चों को पोलियो की दवा पिलाते हुए इसकी शुरुआत की। डॉक्टरों के अनुसार, इस अभियान में कुल 1222 टीमें सक्रिय रहेंगी, जिन्हें लगभग दो लाख घरों का दौरा करना है। यह टीमें 0 से 5 साल के बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलाने का कार्य करेंगी।
खुशबू सावनसुखा सवना ने बताया कि आज से यह तीन दिवसीय अभियान शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत जिले भर में बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलाई जा रही हैं। उन्होंने स्थानीय निवासियों से अनुरोध किया कि वे जागरूकता फैलाने में सहयोग करें और इस प्रयास में सक्रिय भागीदार बनें ताकि भारत को पोलियो मुक्त बनाया जा सके। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में 611 पोलियो बूथ भी स्थापित किए गए हैं।
इस बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एरिक ने जानकारी दी कि जिले में कुल 611 बूथों पर लोगों का आना-जाना जारी है। ये बूथ 0 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए विशेष रूप से स्थापित किए गए हैं। अभियान के दौरान यदि कोई व्यक्ति बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो उसके घर तक पहुँचने के लिए 1222 टीमें बनाई गई हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर बच्चे तक पोलियो की बूंदें पहुँचाई जा सकें।
यह पहल न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे लोगों में पोलियो के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। विधायक नरेंद्रपाल सवना और उनकी पत्नी खुशबू सबकी अपेक्षा रखते हैं कि इस अभियान में अधिक से अधिक लोग शामिल होंगे, ताकि जिले के सभी बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों की भागीदारी की आवश्यकता है।
फाजिल्का का यह पल्स पोलियो अभियान एक सामूहिक प्रयास है जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं और परिवारों के सहयोग की अनिवार्यता है। इस तरह के अभियान हर साल देशभर में चलाए जाते हैं ताकि पोलियो जैसी बीमारी का खतरा कम से कम किया जा सके। सभी की एकजुटता और सहयोग के माध्यम से ही हम इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण कर सकते हैं और अपने बच्चों को एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं।