फतेहाबाद में किसानों का ट्रैक्टर मार्च, मंत्रियों के कार्यक्रमों के विरोध की दी चेतावनी

फतेहाबाद में किसानों का ट्रैक्टर मार्च, मंत्रियों के कार्यक्रमों के विरोध की दी चेतावनी

लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने की नारेबाजी

फतेहाबाद, 16 दिसंबर (हि.स.)। शंभू-खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को स्थानीय किसानाें ने फतेहाबाद में ट्रैक्टर मार्च निकाला। लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। किसानों के प्रदर्शन काे देखते हुए लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद रखे गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। किसानों के बीच पहुंचे एसडीएम ने उनकी मांगाें का ज्ञापन लिया। किसानाें ने मांगें पूरी न हाेने पर मंत्रियाें के कार्यक्रम का विराेध करना शुरू करेंगे।

दरअसल, किसान अपनी मांगाें काे शांतिपूर्ण तरीके से केन्द्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए दिल्ली जाना चाहते हैं लेकिन सरकार ने किसानों काे दिल्ली जाने से राेक रखा है। इसी के विराेध में फतेहाबाद में भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के आह्वान पर स्धानीयकिसानाें ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। जिलेभर से किसान अपने ट्रैक्टर लेकर फतेहाबाद पहुंचे और भट्टू रोड से ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। किसानाें का ट्रैक्टर मार्च लघु सचिवालय पहुंच और वहां किसानाें ने जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र चहल, उपाध्यक्ष बेगराज फुलां, महासचिव सुरेन्द्र जाखड़, जिला प्रधान मदन बिजारनियां, छैलूराम ढाका, प्रदेश प्रवक्ता राम जाट सहित अनेक किसान मौजूद रहे। यूनियन के प्रवक्ता राम जाट ने कहा कि खनौरी और शंभू बार्डर पर पिछले 10 महीने से किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करना चाहते हैं, लेकिन किसानाें काे हरियाणा सरकार रोक रही है। किसान नेता राम जाट ने पहले सरकार ने कहा कि वह किसानों को ट्रैक्टर लेकर दिल्ली नहीं जाने देगी। इसके बाद किसानों ने पैदल ही दिल्ली जाने का ऐलान किया तो अब हरियाणा सरकार पैदल जाने वाले किसानों के जत्थे पर भी आंसू गैस के गोले छुड़वा रही है। उन्होंने कहा कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, उनकी हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार केे कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। ऐसे में किसानों ने आज देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकालने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आज से फतेहाबाद जिले में किसान आंदोलन की दोबारा से शुरूआत हुई है। अगर सरकार ने जल्द किसानों की आवाज नहीं सुनीं तो किसान आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होंगे और मंत्रियों के कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा।