जगराओं में जेल से छूटी महिला नशा तस्कर गिरफ्तार, ड्रग मनी संग पकड़ी गई टैबलेट्स!

जगराओं क्षेत्र में नशा तस्करी की घटनाएं एक बार फिर सुर्खियों में आई हैं, जब हाल ही में एक महिला तस्कर को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस महिला ने करीब तीन महीने पहले नशा तस्करी के मामले में जेल से जमानत हासिल की थी, लेकिन उसके बाद से उसने फिर से इस अवैध धंधे को शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हरप्रीत कौर नाम की यह आरोपी महिला गांव परजिया कलां सिधवां बेट की निवासी है, जिसने अपने गांव और उसके आस-पास के क्षेत्र में नशे की गोलियों की सप्लाई करने का काम किया।

थाना सिधवां बेट के एएसआई राजविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस पार्टी जब गश्त कर रही थी, उस समय उन्हें सूचना मिली कि हरप्रीत कौर एक बार फिर नशा तस्करी में संलिप्त है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और महिला तस्कर को गांव मद्देपुर के निकट सतलुज नदी के किनारे से पकड़ लिया। महिला के पास से लगभग 15,200 रुपये की ड्रग मनी और 149 नशीली गोलियां बरामद की गईं, जो उसकी तस्करी गतिविधियों का स्पष्ट प्रमाण हैं।

महिला पुलिस कर्मियों ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उन्हें उसके पास से काफी मात्रा में नशीली दवाएं और पैसे मिले, जो यह दर्शाता है कि वह इस धंधे में कितनी सक्रिय थी। जांच अधिकारी ने बताया कि हरप्रीत कौर पर पहले भी दो नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं और यह तीसरा मामला है। उनकी गतिविधियों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने आरोपी महिला को अदालत में पेश किया है, जहां उसका रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है ताकि आगे की जांच की जा सके।

यह मामला इस बात का प्रमाण है कि कैसे कुछ लोग जेल से निकलने के बाद भी अवैध धंधों में शामिल हो जाते हैं। पुलिस द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के बावजूद, नशा तस्करी की समस्या बढ़ती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और समाज में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए भी प्रयासरत हैं। पुलिस की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि वे नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

समाज में नशे के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस द्वारा की जा रही यह कार्रवाई न केवल अपराधियों को सजा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अन्य लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे इस अवैध गतिविधि में संलिप्त न हों। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद अदालत किस प्रकार का फैसला सुनाती है और क्या यह महिला तस्कर अपनी गतिविधियों से सीख लेगी या फिर से इस धंधे में लौटेगी।