होशियारपुर में मां ने बेटी को छोड़ा, सरपंच ने किया मदद: सोशल मीडिया से मिला पिता!

होशियारपुर के तलवाड़ा में एक बहुत ही दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक माँ ने अपनी 6 वर्षीय बेटी को अदालत से तलाक मिलने के तुरंत बाद सड़क पर छोड़ दिया। यह घटना 30 जनवरी की रात लगभग 8 बजे घटित हुई, जब स्थानीय निवासियों ने एक छोटी बच्ची को सड़क पर रोते हुए देखा। मानवता का परिचय देते हुए ग्रामीणों ने बच्ची को गांव के सरपंच के घर पहुंचाया। सरपंच ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और बच्ची को अपने घर में आश्रय दिया। इसके बाद मदद की अपील करते हुए उन्होंने बच्ची का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।

वीडियो देखने के बाद, बच्ची के पिता कपिल ने सरपंच से संपर्क किया और शनिवार को गांव पहुंचे। उन्होंने पुलिस की औपचारिकताओं को पूरा कर बच्ची को अपने साथ जीरकपुर, मोहाली ले जाने का निर्णय लिया। कपिल ने खुलासा किया कि उनका तलाक का मामला काफी समय से अदालत में चल रहा था, जो 30 जनवरी को मोहाली कोर्ट में समाप्त हुआ। इस दौरान अदालत ने बेटी की कस्टडी मां को दी थी। कपिल ने कहा कि जब वह अपनी बेटी से मिलने पहुंचे, तो उन्हें घरेलू सहायिका ने बताया कि मां और बच्ची घर से चले गए हैं।

जब सरपंच जसविंदर सिंह ने बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, तो उसके स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्ची को पहचान लिया। उन्होंने बताया कि बच्ची उनके स्कूल की छात्रा है, लेकिन वह पिछले एक महीने से स्कूल नहीं आई है। इसके बाद सरपंच ने प्रिंसिपल को बच्ची के परिवार से संपर्क करने के लिए कहा। कपिल को फोन पर पूरी जानकारी दी गई, जिससे उन्हें अपनी बेटी की परस्थिति का पता चला। कपिल ने कहा कि वह अपनी पत्नी के खिलाफ जीरकपुर में कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं।

जब बच्ची अपने पिता से मिली, तो वह उनके गले लग गई और जोर-जोर से रोने लगी। गांव में मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए। बच्ची ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि उसकी मां उसे घूमाने के लिए ले आई थी, लेकिन बाद में उसे वहीं छोड़कर चली गई। इस पूरे मामले में, गांव के सरपंच जसविंदर सिंह ने अत्यधिक मानवीयता दिखाई और बच्ची को दो दिन तक अपने घर में रखकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने बच्ची की हर आवश्यकता का पूरा ख्याल रखा, जिससे उसे खुशी और सुरक्षा का अहसास हुआ।

जब बच्ची को उसके पिता के साथ वापस भेजा गया, तो सरपंच का पूरा परिवार भावुक हो गया। उनके परिवार ने कहा कि बच्ची ने पूरी तरह से उनके परिवार में घुल-मिल गई थी और उनके साथ रहते हुए उसने सुख-दुख बांटे थे। बच्चे का अपने पिता के साथ मिलना सरपंच के परिवार के लिए एक नई खुशी का क्षण था, जिसके साथ ही एक उदासी की लहर भी दौड़ गई, क्योंकि उन्होंने एक प्यारी बच्ची को खोया था जिससे वह बहुत घनिष्ठ हो गए थे।