फाजिल्का में रिटायर्ड टीचर के घर पर रात में हमला, CCTV में शरारती युवक कैद!

पंजाब के फाजिल्का के राधा स्वामी कॉलोनी में एक रिटायर्ड शिक्षक के घर पर देर रात हुई पथराव की घटना ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड शिक्षक रविंदर पाल सिंह अपने बीमार दामाद की देखभाल के लिए लुधियाना गए हुए थे, तभी यह वारदात हुई। जब ये घटनाक्रम हुआ, उस समय उनके घर में केवल उनकी पत्नी और बेटा सो रहे थे। अज्ञात व्यक्तियों ने पहले घर की घंटी बजाई और फिर गेट पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

जैसे ही उनके बेटे ने बाहर आकर स्थिति का जायजा लिया, उसने देखा कि कुछ युवक भागते हुए जा रहे थे। घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरे की फुटेज में स्पष्ट दिखाई देता है कि शरारती तत्वों ने गेट पर पत्थरों से हमला किया, जिससे गेट की शीट टूट गई। इसके अलावा, आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे भी तोड़े गए। रविंदर पाल सिंह ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले भी इस इलाके में कई गाड़ियों के शीशे तोड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। उनके अनुसार, यह स्थितियां लगातार बनी हुई हैं, जो आसपास के निवासियों में चिंता का सबब बन गई हैं।

पीड़ित परिवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को बल्कि पूरी कॉलोनी के लोगों को भयभीत कर दिया है। स्थानीय निवासी अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर इस तरह की घटनाएं इसी तरह होती रहीं, तो उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पुलिस को शीघ्र ही आरोपियों को पकड़े जाने की उम्मीद है ताकि वे फिर से सुरक्षित महसूस कर सकें।

स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे लोगों में असंतोष और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। निवासियों का मानना है कि पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और इलाके में शांति स्थापित हो सके। पीड़ित परिवार और अन्य निवासी अब यह इंतजार कर रहे हैं कि पुलिस उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएगी और उन लोगों को कानून के कठोर पंजे में लाएगी जो इस तरह की अनसुलझी घटनाओं को अंजाम देने में जुटे हैं।

इस घटना ने न केवल एक परिवार को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे मोहल्ले के दूसरे निवासियों को भी एक नया संदेश देने का कार्य किया है कि सुरक्षा सबसे पहले आती है। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर ऐसी वारदातों पर लगाम लगाएं ताकि नागरिकों का विश्वास पुनः बहाल हो सके।