जालंधर कैंट के गांव बड़िंग में पंजाब राज्य पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के एक कर्मचारी को विजिलेंस की टीम ने 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने आरोप लगाया था कि उक्त कर्मचारी ने उनसे रिश्वत मांगी और अगर वह रिश्वत नहीं देते हैं तो काम करने से इंकार कर दिया। यह घटना शुक्रवार को हुई, जब विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने एक ट्रैप लगाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी ने उनके रिश्तेदार के घर में घरेलू बिजली आपूर्ति के लिए नया मीटर लगाने के बदले में 5000 रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से 500 रुपए अपने लिए और 5000 रुपए जूनियर इंजीनियर सुरजीत सिंह के लिए मांगे गए थे। राकेश कुमार ने यह भी जानकारी दी कि आरोपी ने पहले 31 जनवरी को मीटर लगाने के समय उनसे 3500 रुपए ले लिए थे और अब वह शेष रकम 2000 रुपए की मांग कर रहा था। इससे उन्हें धमकी दी जा रही थी कि यदि वह यह राशि नहीं देंगे तो मीटर उतार दिया जाएगा।
जालंधर रेंज की विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले की गहन जांच करने के बाद आरोपी पर कार्रवाई की योजना बनाई। राकेश कुमार ने अपने बयान में यह भी कहा कि आरोपी ने रिश्वत की मांग करते हुए उन्हें कड़े शब्दों में धमकाया था, जिसमें वो अन्य उपभोक्ताओं से भी इसी तरह की धोखाधड़ी करने की बात कर रहा था। विजिलेंस की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक प्रमाण जुटाए और जाल बिछाने की योजना बनाई।
जब विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाया, तो आरोपी को 2 सरकारी गवाहों की मौजूदगी में राकेश कुमार से 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो की कोशिशें बहुत प्रभावशाली हैं। अब इस मामले में आगे की जांच की जाएगी और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज़ उठाने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए। राकेश कुमार की सतर्कता ने एक भ्रष्ट कर्मचारी की करतूत को उजागर किया है और यह एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है, ताकि नागरिकों को उनके अधिकारों का पालन सुनिश्चित हो सके।