बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद के खिलाफ लुधियाना की कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। यह वारंट एक धोखाधड़ी के मामले में जारी किया गया है, जिसमें सोनू सूद पर आरोप है कि वह एक ऐसे कंपनी के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं, जिसके खिलाफ 10 लाख रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। लुधियाना की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रमणप्रीत कौर ने यह वारंट जारी किया जब सोनू सूद बार-बार समन भेजने के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
इस मामले से जुड़ी शिकायत वर्ष 2021 में हुई एक घटना से संबंधित है। लुधियाना के वकील राजेश खन्ना ने आरोप लगाया कि एक आरोपित, जो मल्टी लेवल मार्केटिंग का काम कर रहा था, ने उन्हें ठगने का प्रयास किया और उन्हें पैसे दोगुने करने का लालच दिया। राजेश खन्ना की शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत में शिकायत के बाद अब मामले में सुनवाई शुरू हुई है।
राजेश खन्ना ने बताया कि आरोपी ने उन्हें 8,000 रुपये का निवेश करने के लिए कहा, जिसके बदले में उसने तीन गुना रिटर्न का वादा किया था। इसके अलावा, आरोपी ने उनसे 12,500 डॉलर का निवेश कराने के लिए झूठे आश्वासन दिए थे। हाथ लगे सबूतों से यह बात सामने आई है कि आरोपी ने कई अन्य व्यक्तियों को भी धोखा दिया है। सोनू सूद को इस मामले में गवाह के तौर पर बुलाया गया, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
सोनू सूद ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया है और सोशल मीडिया पर एक स्पष्टता देने वाला पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। वह न्यायालय में पेश होने के लिए तैयार हैं और उनके वकील ने पहले ही अदालत को सूचित कर दिया है कि वे अपने बयान के साथ 10 फरवरी को पेश होंगे। दरअसल, सोनू ने कहा कि यह केवल मीडिया की सनसनीखेज रिपोर्टिंग का नतीजा है और उन्हें इस मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 10 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई में क्या होता है और सोनू सूद अपनी स्थिति को कैसे स्पष्ट करते हैं। अदालती कार्यवाही और इस मामले से जुड़े सारे तथ्यों पर सभी की नज़रें हैं, जबकि इस मामले ने एक बार फिर बॉलीवुड के सितारों को विवादों में ला खड़ा किया है। ऐसे में, सोनू सूद अपने खिलाफ लगे आरोपों से खुद को कैसे मुक्त कर पाएंगे, यह अगली सुनवाई में तय होगा।