डल्लेवाल की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट में बहस, पंजाब सरकार की रिपोर्ट का इंतजार!

पंजाब पुलिस द्वारा किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित अन्य किसानों को हिरासत में लेने के मामले की सुनवाई आज, सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में की जाएगी। इस मामले में डीजीपी स्टेटस रिपोर्ट पेश करेंगे। भारतीय किसान यूनियन दोआबा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह ने 21 मार्च को याचिका दायर कर गिरफ्तार किए गए किसानों की हिरासत को अवैध ठहराया था। उन्होंने बताया कि डल्लेवाल 117 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और उन्हें कैंसर है। 19 मार्च से उनका कोई पता नहीं है। इस कड़ी में 400 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया है और उन्होंने अदालत में 50 किसानों के नामों की सूची पेश की है। खबरों के अनुसार, पंजाब पुलिस ने डल्लेवाल को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि अन्य हिरासत में लिए गए किसानों को पटियाला की सेंट्रल जेल में रखा गया है।

किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 19 मार्च को चंडीगढ़ में हुई सातवें दौर की वार्ता असफल रही। इस मीटिंग में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रहलाद जोशी और पीयूष गोयल सहित पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ तीन मंत्री शामिल हुए थे। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अडिग रहते हुए बैठक में अपनी बात रखी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। किसानों की ओर से दी गई सूची से कुछ मुद्दे उठने की संभावना पर मंत्री चौहान ने विचार किया, लेकिन बैठक में कोई सार्थक हल नहीं निकल पाया।

मुख्य समस्या तब बढ़ी जब किसानों ने चेतावनी दी कि सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इस बैठक के बाद, पंजाब सरकार के मंत्रियों ने कहा कि कोई भी नकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी। लेकिन जब किसान चंडीगढ़ से पंजाब की सीमाओं में दाखिल हुए, तो उन्हें भारी पुलिस बल द्वारा रोक दिया गया। इस प्रक्रिया में उन्हें संगरूर की जेल में ले जाया गया और साथ ही शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग हटा दी गई। 20 मार्च को हरियाणा ने भी सीमा से बैरिकेडिंग हटाकर आवाजाही शुरू करवा दी।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की स्थिति लगातार बदलती जा रही है। उन्हें 19 मार्च को पटियाला ले जाने के बाद जालंधर के PIMS अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। यहां मीडिया की नजर पड़ी तो भारी भीड़ जुट गई। इसके बाद उन्हें जालंधर कैंट स्थित PWD रेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया, जहां उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस और आर्मी तैनात की गई थी। हालाँकि, 23 मार्च को डल्लेवाल को पुनः पटियाला लाया गया। प्रारंभ में कहा गया था कि उन्हें राजिंदरा अस्पताल में भर्ती किया गया है, लेकिन अब चर्चा है कि शायद उन्हें किसी निजी अस्पताल में रखा गया है। किसान नेताओं का कहना है कि उनके आमरण अनशन का क्रम जारी है और उन्होंने पानी भी लेना छोड़ दिया है।

किसान आंदोलन के चलते पंजाब और हरियाणा के शंभू-खनौरी बॉर्डर पर की गई बैरिकेडिंग को अब हटाया जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने गुरुवार सुबह से इस प्रक्रिया को शुरू किया है। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए सीमेंट की यह बैरिकेडिंग काफी समय से लगी हुई थी। अब 13 महीने बाद पंजाब पुलिस ने इस बैरिकेडिंग को समाप्त कर दिया है, जिससे किसानों को राहत मिली है। 72 घंटे पहले इस योजना के तहत तैयारियाँ शुरू की गई थीं, और अधिकारियों ने मिलकर इसे सफलतापूर्वक लागू किया।