लुधियाना के हैबोवाल इलाके की दुर्गा कालोनी में एक गंभीर जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस विवाद में खुद को शिव सेना का नेता बताने वाला एक व्यक्ति अपने कुछ साथियों के साथ एक परिवार पर हमला कर दिया। इस घटना में एक दंपती को बीच सड़क पर बुरी तरह से पिटते हुए देखा गया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। महिला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उसके पति के सिर पर भी चोटें आई हैं। इस दंपति को देर रात सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
घटना के संबंध में महिन्द्र दास नाम के व्यक्ति ने जानकारी देते हुए बताया कि वह चंडीगढ़ में काम करते हैं और उनका परिवार दुर्गा कालोनी में निवास करता है। उन्होंने कहा कि देर शाम कुछ युवक उनके घर में घुस आए और समस्त सामान ट्रक में फेंक दिया। महिन्द्र दास ने बताया कि वे 2006 से उस मकान में रह रहे हैं और उसकी मालकिन की मृत्यु के बाद से वे उसकी देखभाल कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरने से पहले मालकिन ने उन्हें घर में रहने के लिए कहा था और उनके बेटे से बात करके ही मकान को खाली करने की बात कही थी। लेकिन एक व्यक्ति, जिसे बचना कहा जाता है, लगातार इस मकान पर अपना दावा जताते हुए उन पर दबाव बना रहा है।
महिन्द्र दास ने आगे बताया कि मौजूदा समय में इस मकान का विवाद अदालत में चल रहा है। उन्होंने कहा कि हमलावर अक्सर उनके साथ पैसों की उगाही के लिए आते हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें पैसे देने से इनकार कर दिया। इसी कारण से वे लोग उनके घर पर पहुंचे और तोड़फोड़ की। जब महिन्द्र दास ने उनसे बात करने का प्रयास किया, तो उन लोगों ने सड़क पर ही उनके साथ मारपीट की।
घायल महिला कृष्णा ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि गुंडों ने घर में घुसकर उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की। उन्होंने बताया कि वे पिछले 20 सालों से इस मकान में रह रहे हैं और अब अदालत में मामला चल रहा है। फिर भी, वे गुंडे लगातार उनके मकान को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। कृष्णा ने पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि वे इस समस्या को गंभीरता से लेकर उन्हें सुरक्षा प्रदान करें।
महानगर में इस तरह की हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं। स्थानीय निवासियों तथा पीड़ितों ने प्रशासन से अपील की है कि वह इस मामले में ठोस कार्रवाई करें और शिकायतों को गंभीरता से लें ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, पीड़ित परिवार ने उम्मीद जताई है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।