(अपडेट) मुख्यमंत्री ने दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2025 जारी किया

(अपडेट) मुख्यमंत्री ने दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2025 जारी किया

– ‘कूल रूफ टेक्नोलॉजी’ और ‘डिजिटल कोल्ड वॉटर मशीन’ की शुरुआत

-दिल्ली के 5500 से अधिक स्कूलों के 14 लाख बच्चों को आपदा प्रबंधन और हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक और प्रशिक्षित किया जाएगा

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2025 को लांच किया।

इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, डॉ पंकज सिंह, एनडीएमए के सदस्य और विभागाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, मुख्य सचिव धर्मेंद्र, एनडीएमए और यूएनईपी के प्रतिनिधियों सहित केंद्र एवं दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना दिल्लीवासियों को अत्यधिक गर्मी और हीटवेव की खतरनाक स्थिति से बचाने के लिए एक वैज्ञानिक और जन-उन्मुख योजना के रूप में तैयार की गई है। दिल्ली को हीटवेव-रेजिलिएंट बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस अवसर पर ‘कूल रूफ टेक्नोलॉजी’ और ‘डिजिटल कोल्ड वॉटर मशीन’’ जैसी दो अहम पर्यावरणीय पहलों की भी शुरुआत की गई।

सीएम ने बताया कि इस प्लान के तहत पूरे शहर में तीन हजार वाटर कूलर लगाए जाएंगे। सरकार द्वारा फुटपाथों पर कूलिंग शेड्स बनाए जाएंगे, ताकि राह चलते लोगो को धूप से थोड़ी राहत मिल सके। सरकारी भवनों और निजी इमारतों पर कूल रूफ और ग्रीन रूफ टेक्नोलॉजी को अपनाया जाएगा।

दिल्ली के 5500 से अधिक स्कूलों के 14 लाख बच्चों को आपदा प्रबंधन और हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। सरकार ने झुग्गी-बस्तियों से लेकर बड़े अस्पतालों तक हीटवेव से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। साथ ही दिल्ली के अस्पतालों में हीटवेव वार्ड बनाए जा रहे हैं और सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टॉप व रेलवे स्टेशनों पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते कुछ वर्षों से दिल्ली में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जो सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जनजीवन के लिए एक गंभीर चेतावनी है। जब गर्मी इतनी विकराल होती है, तो हमारी तैयारी भी उतनी ही ठोस होनी चाहिए। हीटवेव अब सिर्फ मौसम की स्थिति नहीं, बल्कि एक जानलेवा संकट बन चुकी है। इसी चुनौती का समय रहते मुकाबला करने के लिए दिल्ली सरकार ने आज “हीट एक्शन प्लान 2025 ” जारी किया है। यह केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं है, बल्कि हर दिल्लीवासी की सुरक्षा के लिए सरकार और जनता की साझी ज़िम्मेदारी का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2025 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह एनडीएमए के दिशा-निर्देशों, वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं, जिलास्तरीय संवेदनशीलता मानचित्रण और एनडीएमए, यूएनईपी, यूनिसेफ, रेज़िलिएंस एआई, यूसी बर्कले जैसे ज्ञान साझेदारों के साथ परामर्श के आधार पर तैयार किया गया है। ताकि हर नागरिक को इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके। इस हीट एक्शन प्लान के तहत पूरे शहर में तीन हजार वाटर कूलर लगाए जाएंगे। एक हजार सड़कों पर, एक हजार सरकारी भवनों में और एक हजार ऐसे स्थानों पर, जहां अक्सर फुटपाथों पर रहने वाले या बेघर लोगों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं होती है। इस पहल में सरकार के साथ-साथ पब्लिक, प्राइवेट और सीएसआर के माध्यम से भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली के सभी नागरिक और राहगीर को गर्मी के मौसम में साफ और ठंडा पानी उपलब्ध रहे।

उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के सहयोग से समय रहते हीटवेव अलर्ट जारी किए जाएंगे। आईएमडी द्वारा जारी किए गए रंग-कोडेड हीट अलर्ट्स (हरा, पीला, नारंगी, लाल) के आधार पर विभागों और मोहल्लों में समय रहते जरूरी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मोबाइल संदेश, मीडिया और पोर्टल के माध्यम से सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। दिल्ली के बड़े अस्पतालों में हीटवेव वार्ड तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें ठंडक की सुविधा, ओआरएस और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध रहेंगे। झुग्गी-बस्तियों और कम आय वाले इलाकों में छांव, पीने के पानी और मदद केंद्र बनाए जा रहे हैं।

स्कूलों में बच्चों को ‘वॉटर बेल’ के जरिए पानी पीने की आदत डाली जाएगी और दिल्ली के 5500 से अधिक स्कूलों के 14 लाख बच्चों को आपदा प्रबंधन और हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक और प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन पर ठंडे पानी की व्यवस्था की जाएगी। ‘कूल रूफ’ टेक्नोलॉजी का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है और डिजिटल कोल्ड वॉटर डिस्पेंसर की लॉन्चिंग यह सब हमारी हीट एक्शन रणनीति का हिस्सा है। यह सिर्फ योजना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और सशक्त दिल्ली की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण ब्रोशर भी लॉन्च किए, जिनमें हीटस्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट्स, कैट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजास्टर रेडी स्कूलों से जुड़ी विस्तृत जानकारियां शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली का हर स्कूल और हर अस्पताल हीटवेव से मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार हो। जागरूकता, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों के जरिए हम हर नागरिक के जीवन की रक्षा सुनिश्चित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान गर्मी से राहत के लिए दो बड़ी पहल की शुरुआत भी की गई। पहली दिल्ली की छतों को ठंडी रखने के लिए ‘कूल रूफ टेक्नोलॉजी’ और दूसरी सार्वजनिक स्थलों पर शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ‘डिजिटल कोल्ड वॉटर मशीन’ की शुरुआत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा मित्र केवल एक टीम नहीं बल्कि दिल्ली के हर कोने में हमारी सजगता और सेवा भावना का जीवंत प्रतीक हैं। यह आपदा मित्र हीट एक्शन के फ्रंटलाइन वॉरियर्स की तरह कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अकेले यह लड़ाई नहीं जीत सकती। जब तक दिल्ली का हर नागरिक इस प्रयास में भागीदार नहीं बनेगा, तब तक इस मौसमी चुनौती पर पूरी तरह विजय नहीं पाई जा सकती। उन्होंने बताया कि दिल्ली अब हीटवेव के खिलाफ तैयार है। हमने सिर्फ योजना नहीं बनाई बल्कि उसे जमीनी तौर पर भी लागू कर रहे हैं। स्कूलों से लेकर अस्पतालों तक, बस स्टॉप से लेकर बस्तियों तक, हर नागरिक की सुरक्षा, हर बच्चे की सेहत और हर बूंद पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

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