निजी विद्यालयों पर प्रशासन की सख्ती जारी, 10 और स्कूलों को कारण बताओ नोटिस

नैनीताल, 05 मई । जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा महंगी पुस्तकों व अवांछित शुल्क के माध्यम से अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 10 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पूर्व विभिन्न क्षेत्रों के 28 विद्यालयों पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जा चुकी है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वुडलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल हिम्मतपुर तल्ला, डी लैंप पब्लिक स्कूल दमुआढूंगा, दर्पण पब्लिक स्कूल हरिपुरनायक कुसुमखेड़ा, इम्युनल पब्लिक स्कूल मुखानी, हाइलेंडर्स पब्लिक स्कूल कलावती कॉलोनी, ग्रीन सिटी पब्लिक स्कूल बरेली रोड, टेंडर फीट पब्लिक स्कूल दमुआढूंगा, एल्केमे स्कूल कुसुमखेड़ा, जय दुर्गे एजुकेशनल पब्लिक स्कूल दमुआढूंगा बंदोबस्ती तथा न्यू फेगलैंड पब्लिक स्कूल हल्द्वानी को नोटिस जारी किया गया है।

जांच में पाया गया कि कई विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अतिरिक्त महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे हैं तथा अभिभावकों को विशेष विक्रेताओं से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। साथ ही विद्यालयों की वेबसाइट पर आवश्यक सूचनाओं का प्रकटीकरण भी नहीं किया गया है। प्रशासन ने संबंधित विद्यालयों को 15 दिन के भीतर संशोधित पुस्तकों की सूची जारी कर एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्राथमिकता देने, विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने, वेबसाइट पर शुल्क व पुस्तकों की सूची सार्वजनिक करने तथा अतिरिक्त वसूली गई धनराशि का समायोजन या वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं आदेशों का अनुपालन न करने पर मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।