22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने न केवल वहां के निवासियों को बल्कि पूरे देश को एक गहरे शोक में डुबो दिया है। इस घटना के संदर्भ में, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस आतंकी हमले की तुलना फिल्म ‘मैं हूं ना’ में सुनील शेट्टी द्वारा निभाए गए किरदार ‘राघवन’ से की है। उनका तर्क है कि इस संदर्भ में सुनील का किरदार भी किसी खलनायक से कम नहीं था। इस बीच, सुनील शेट्टी अपने आगामी फिल्म ‘केसरी वीर’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में शामिल हुए और इस दौरान उन्होंने अपने किरदार को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
सुनील शेट्टी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस फिल्म में देशभक्ति का एक मजबूत संदेश है। उन्होंने कहा, “एक सच्चा देशभक्त कभी खलनायक नहीं हो सकता।” उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्हें राघवन का किरदार ऑफर किया गया था, तो उन्होंने तुरंत इसके लिए सहमति दे दी थी। हालांकि, इस किरदार को निभाने के लिए कई अन्य सितारों ने मना कर दिया था, जिनमें नाना पाटेकर और कमल हासन भी शामिल थे। सुनील ने कहा कि फ़िल्म की स्क्रिप्ट में उनका किरदार एक नकारात्मक भूमिका में था, लेकिन उन्होंने इसे एक अलग नजरिए से देखा।
सुनील शेट्टी ने आगे कहा कि यह कहानी उस युवक के बारे में है, जिसका बेटा सीमा पार मारा गया, और वह अपना शव वापस लाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुश्मनी तो वहीं रहेगी, इसलिए किरदार को नकारात्मक कैसे माना जा सकता है। फिल्म ‘केसरी वीर’ में उनके रोल का उद्देश्य देश के प्रति उनके प्यार को दिखाना है। इससे पहले भी उन्होंने ‘बॉर्डर’, ‘कयामत: सिटी अंडर थ्रेट’ और ‘मैं हूं ना’ जैसी फिल्मों में इसी तरह के किरदार निभाए हैं।
जब पहलगाम हलके आतंकी हमले की बात आई, तो सुनील शेट्टी ने देशवासियों से यह अपील की है कि वे अपनी अगली छुट्टियाँ कश्मीर घाटी में बिताएं। उन्होंने यह इंगित करते हुए कहा कि जो लोग नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ एकजुटता दिखाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “हमें उन्हें यह संदेश देना होगा कि कश्मीर हमारा था, है और हमेशा रहेगा।” सुनील की इस अपील ने न केवल फिल्म इंडस्ट्री में बल्कि पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश फैलाने का काम किया है।
इस प्रकार, सुनील शेट्टी का यह बयान न केवल फिल्म ‘केसरी वीर’ के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की भावना को भी दर्शाता है। इस वक्त, जब पूरे देश में शोक और गुस्सा व्याप्त है, ऐसे समय में सुनील की अपील हमें यह याद दिलाती है कि हम सबको मिलकर अपने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना है।