बठिंडा विमान हादसा: खेत में 4 फीट गड्ढा, प्लेन के टुकड़े चौंका देंगे!

**भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच बठिंडा का अकलियां कलां गांव बना चर्चा का केंद्र**

मंगलवार से बुधवार की रात के बीच भारत ने पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत एयर स्ट्राइक की, जिसके बाद बठिंडा के अकलियां कलां गांव पर ध्यान केंद्रित हुआ। इस गांव का 2 किलोमीटर का क्षेत्र पूरी तरह से सील कर दिया गया था। प्रशासन ने वहां किसी को आने या जाने की अनुमति नहीं दी। जहां एक प्लेन क्रैश हुआ, वहां के खेत के मालिक भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, और सरकारी अधिकारी भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर जानकारी देने से बच रहे हैं। दैनिक भास्कर ने गुरुवार को उस खेत का निरीक्षण किया, जहां विमान का मलबा था। वहां से मलबा हटा लिया गया था, लेकिन कुछ विमान के छोटे टुकड़े अभी भी नजर आ रहे थे। गांव के निवासियों ने बताया कि उन्हें कुछ लोग यह टुकड़े इकट्ठा करने के लिए कह रहे थे।

**गांव का हाल और घटनास्थल का निरीक्षण**

अकलियां कलां गांव बठिंडा के जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित है। नजदीकी कस्बा गोनियाना है, जो लगभग 5-6 किलोमीटर की दूरी पर है। इस कस्बे में एक अनाज मंडी भी है, जहां मंगलवार की रात हुए प्लेन क्रैश में एक युवक गोविंद की जान चली गई और नौ अन्य लोग घायल हो गए। विमान के गिरने के बाद गांव में एक अजीब सा सन्नाटा छा गया है, और इक्का-दुक्का लोग ही बाहर देखे जा रहे हैं। क्रैश साइट की पहचान करने के लिए ग्रामीणों ने बताई दूरी करीब 500 मीटर थी, जहां पहुंचने के लिए कच्चे-पक्के रास्तों का सहारा लेना पड़ा।

**क्रैश साइट का गहरा गड्ढा और स्थानीय महिलाओं की हलचल**

जहां विमान गिरा, वहां एक 4 से 5 फुट गहरा गड्ढा बन गया था, और यह भूमि अब पूरी तरह से खराब हो चुकी थी। पुलिस और सेना की टीमें यहां से मलबा हटाने के बाद भी साइट पर निगरानी रख रही थीं। इस दौरान, लगभग 15 महिलाएं वहां इकठ्ठा होकर प्लेन के बिखरे टुकड़े इकट्ठा कर रही थीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें गांव के लोगों ने यहां आने की अनुमति दी है, तो उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों ने ही उन्हें यहां भेजा था। महिलाएं यह टुकड़े इकट्ठा कर रही थीं, ताकि उन्हें बेचा जा सके, जिससे घर का खर्च चलाने में मदद मिले।

**गुरुद्वारे की घोषणा और घायलों की जानकारी**

प्लेन के क्रैश होने के बाद स्थानीय गुरुद्वारे से अनाउंसमेंट हुई थी कि लोग वीडियो न बनाएं और जो पहले से बनाए हैं, उन्हें डिलीट कर दें। बुधवार तक गांव के लिए नाकाबंदी थी। गुरुद्वारे में कुछ लोग इस घटना के बारे में बताने के लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि उन्हें बताया गया था कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। घटनास्थल पर मौजूद कुछ घायल व्यक्तियों को गोनियाना मंडी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से कुछ को बठिंडा के सिविल अस्पताल में रेफर किया गया। एक नर्स ने पुष्टि की कि हादसे के दौरान गोविंद की मृत्यु हुई और कुछ अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

**बाद की स्थिति और घायलों की सेहत**

बुधवार की सुबह घायलों को बठिंडा लाया गया, जहां से कुछ को एम्स रेफर किया गया। अस्पताल में पुलिस कर्मियों की एक टीम घायलों की सुरक्षा कर रही थी और बाहरी लोगों को अनुमति नहीं थी। हालांकि, गुरुवार को सभी घायलों को छुट्टी दे दी गई, लेकिन उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। अस्पताल का स्टाफ कहता है कि पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई है और उनकी स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। इस पूरी घटना ने अकलियां कलां गांव की स्थिति को गंभीर बना दिया है और स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।