नोएडा से अपहरण के बाद गैंगरेप, हत्या: शरीर पर 18 चोटों के निशान

**नोएडा से सहेलियों का अपहरण: एक दुखद कहानी**

हाल ही में नोएडा से दो सहेलियों के अपहरण की एक घटिया घटना प्रकाश में आई है, जिसमें एक सहेली की हत्या कर दी गई और दूसरे से बलात्कार किया गया। घटना मेरठ और बुलंदशहर के बीच हुई, जहां आरोपियों ने चलती कार से पीड़िता को फेंक दिया, जिससे उसकी इससे भी अधिक गंभीर चोटें आईं। मृतक सहेली की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 18 गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, यह दर्शाते हुए कि उक्त घटना कितनी वीभत्स थी। पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है और चार्जशीट जल्द दाखिल करने का वादा किया है।

14 वर्षीय पीड़िता अपनी सहेली के साथ 6 मई की शाम को घर से निकली थी, जहां उन्हें एक परिचित द्वारा कार में लाया गया। आरोपियों ने उन्हें जबरन बीयर पिलाकर भ्रमित किया और फिर नोएडा की सड़कों पर घुमाते रहे। जब पीड़िता ने उनकी मंशा का विरोध किया, तब एक आरोपी ने उसकी सहेली को कार से धक्का दे दिया, और इसके बाद उनके साथ बलात्कार की विकृत कोशिश की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल पीड़िता का मनोबल तोड़ा, बल्कि उनके परिवार को भी गहरी चिंता में डाल दिया।

इस घटना ने कई सवाल उठाए हैं, विशेषकर पुलिस की चेकिंग पर। चार जिलों से गुजरते समय पुलिस ने आरोपियों को रोकने में असमर्थता दिखाई। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिसिंग में कहीं न कहीं कमी है। पीड़ित परिवार अब नोएडा छोड़कर जाने को मजबूर हो गया है, और उनके मन में भय तथा अनिश्चितता व्याप्त है। इस तरह की घटनाएं समाज में सुरक्षा की भावना को कमजोर करती हैं, और यह आवश्यक है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए।

आरोपियों में एक एलएलबी का छात्र, एक वकील का मुंशी और एक व्यक्ति जो प्राइवेट नौकरी की तैयारी कर रहा है, शामिल हैं। यह देखकर यह बेहद दुखद है कि पढ़े-लिखे लोग इस प्रकार के जघन्य अपराधों में शामिल हैं। गैंगरेप की शिकार लड़की और उसकी सहेली की मां ने ये बताया कि उनकी बेटियां आने वाले समय में शादी के लिए तैयार हो रही थीं, और इस प्रकार की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज को भी एक गंभीर संदेश देती हैं।

पुलिस ने जारी एक बयान में कहा है कि आगे की कार्रवाई के लिए परिवार को आश्वस्त किया गया है, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिले। इस घटना ने विभिन्न मीडिया द्वारा भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे अपराधों को रोकने की दिशा में समाज का जागरूक होना अनिवार्य है। यह घटना हमारे समाज में हो रहे अन्याय और असुरक्षा के बताती है, जिसे हमें साथ मिलकर समाप्त करना होगा।