प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, और नीति आयोग के उच्च पदाधिकारी शामिल होंगे। नीति आयोग द्वारा जारी किए गए बयान में बताया गया है कि इस वर्ष की बैठक की थीम ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ रखी गई है। इस बैठक का उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में राज्यों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करना है। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।
बैठक में राज्य सरकारों को यह बताया जाएगा कि वे भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में कैसे महत्वपूर्ण आधारशिला बन सकते हैं। इसके साथ ही, उद्यमिता, कौशल विकास और स्थायी रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उपायों पर भी विचार होगा। बैठक सुबह 10 बजे आरंभ होगी, जिसके दौरान सभी मुख्यमंत्री विकसित भारत की योजनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे और राज्य सरकारें अपनी आवश्यकताओं को भी प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्रियों को संबोधित करेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नीति आयोग की एक बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उन्हें उचित नहीं सुनने दिया गया था और बैठक को बीच में ही छोड़ दिया था।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि पिछले वर्ष की बैठक में केवल 26 राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल ही शामिल हुए थे, जबकि 10 राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में उपस्थित नहीं हुए थे। इसमें से अधिकांश मुख्यमंत्री I.N.D.I.A ब्लॉक से थे, जिसमें तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ नेता व्यक्तिगत कारणों से और कुछ राजनीतिक वजहों से बैठक में अनुपस्थित रहे। इसलिए, इस वर्ष की बैठक में उपस्थित रहने वालों की संख्या महत्वपूर्ण होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने नीति आयोग की पिछले बैठक में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए कहा था कि 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर भारतीय का सपना होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया था कि राज्य सरकारें इस उद्देश्य की प्राप्ति में सक्रिय रूप से भाग ले सकती हैं, क्योंकि वे जनसंख्या से सीधे जुड़े हुए होते हैं। मोदी का यह भी कहना था कि इसे प्राप्त करने के लिए हमें मौजूदा तकनीकी और भू-राजनीतिक परिवर्तनों का सही तरीके से लाभ उठाने की आवश्यकता है।
इस प्रकार, नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आगामी विकास की युक्तियों और रणनीतियों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर पेश करती है। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी से यह स्पष्ट होगा कि भारत के विभिन्न हिस्से एकजुट होकर समग्र विकास की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहे हैं। यह बैठक न केवल केंद्र और राज्यों के बीच संवाद को प्रेरित करेगी, बल्कि विकास के लक्ष्यों को साधने के लिए एक सामूहिक दृष्टिकोण को भी साकार करेगी।