सावधान! अब आपकी आवाज बनकर साइबर अपराधी कर रहे हैं ठगी
फतेहाबाद के एसपी ने जिला वासियाें काे चेताया
फतेहाबाद, 24 मई (हि.स.)। तकनीक जहां हमारे जीवन को आसान बना रही है, वहीं अब अपराधियों ने इसका इस्तेमाल ठगी के नए हथकंडों में करना शुरू कर दिया है। हाल ही में साइबर ठगी के एक अत्यंत खतरनाक तरीके वॉइस क्लोनिंग के मामले सामने आए हैं, जिनमें अपराधी आपके किसी परिचित की आवाज़ की हूबहू नकल कर आपसे पैसे की मांग करते हैं। इस गंभीर साइबर खतरे को देखते हुए शनिवार को फतेहाबाद के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने आमजन से सतर्कता बरतने और जागरूक रहने की विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि अब ठग तकनीक के जरिए आपके किसी मित्र या परिजन की आवाज में कॉल कर इमरजेंसी का बहाना बनाकर तुरंत पैसे की मांग करते हैं। यह एक नई और खतरनाक प्रवृत्ति है। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि किसी भी कॉल पर बिना ठोस पुष्टि के पैसे न भेजें। एसपी ने कहा कि किसी भी आपातकालीन कॉल पर भावुक या जल्दबाजी में निर्णय न लें। कॉल करने वाले की पहचान की पुष्टि वीडियो कॉल या टेक्स्ट चैट के माध्यम से जरूर करें। वॉइस क्लोनिंग तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि किसी की भी आवाज़ की सटीक नकल की जा सकती है, इसलिए केवल आवाज़ के भरोसे पैसे न भेजें। अपनी आवाज या व्यक्तिगत बातचीत को सोशल मीडिया या सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचें। अपराधी इन्हीं से आपकी आवाज एकत्रित करते हैं। यदि कोई कॉल या संदेश संदेहास्पद लगे, तो इसकी जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या निकटतम पुलिस थाना को दें। एसपी ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि वे साइबर अपराधों के प्रति सजग और जागरूक रहें। तकनीक से लड़ाई सिर्फ तकनीक से नहीं, बल्कि आपकी सतर्कता और समझदारी से जीती जा सकती है। उन्होने कहा कि अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय को भी इस खतरे के बारे में अवश्य सतर्क करें। एक जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव है।