राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ को दिव्यांगजनों के उत्थान में उत्कृष्ट योगदान के लिए किया गया सम्मानित

राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ को दिव्यांगजनों के उत्थान में उत्कृष्ट योगदान के लिए किया गया सम्मानित

पूर्वी सिंहभूम, 25 मई (हि.स.)। झारखंड में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास के क्षेत्र में कार्यरत राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ को उनके उत्कृष्ट और प्रेरणादायक योगदान के लिए रविवार को विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान दिव्य ज्योति नेत्रहीन संस्थान, जमशेदपुर की ओर से आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया, जो संस्थान के प्रधान कार्यालय कदमा, शास्त्रीनगर, ब्लॉक नंबर 4, छठ घाट के समीप स्थित परिसर में आयोजित हुआ।

सम्मान समारोह में शिक्षा मंत्री उपस्थित रहे, जिन्होंने राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की।

संघ की ओर से यह सम्मान शिव कुमार साहू ने ग्रहण किया। शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ ने जिस समर्पण और सेवा भाव से दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए कार्य किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ ने वर्षों से दृष्टिहीनों के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में सतत प्रयास किए हैं। संघ के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप असंख्य दृष्टिबाधित व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सके हैं और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सक्षम हुए हैं।

इस अवसर पर दिव्य ज्योति नेत्रहीन संस्थान की संस्थापक सचिव रीमा भट्टाचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ का कार्य न केवल सराहनीय है, बल्कि यह समाज को यह सीख भी देता है कि प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कोई भी कार्य असंभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों को सम्मानित कर समाज की सकारात्मक ऊर्जा को आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है।

सम्मान समारोह में कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, दिव्यांगजन और गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

कार्यक्रम का समापन संस्थान की ओर से भविष्य में भी इस तरह के संगठनों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता के साथ किया गया।

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