स्वतंत्रता दिवस पर अनदेखी से स्वतंत्रता सेनानी परिषद ने जताई नाराजगी

स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण में किसी राष्ट्रीय स्तर के और न ही हिमाचल के स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र हुआ। इतना ही नहीं अनेक सेनानी परिवारों को समारोह में आमंत्रित भी नहीं किया गया। यह केवल एक प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि एक गंभीर मानसिकता को उजागर करता है, वह मानसिकता जो इतिहास और बलिदान को हाशिए पर डालने की ओर इशारा करती है।

डा. अतुल ने कहा कि परिवारों का मानना है कि सरकार स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की समस्याओं और सम्मान हेतु एक स्वतंत्र बोर्ड का गठन शीघ्र करे | वे इस गंभीर उपेक्षा के विरोध में ज्ञापन दिल्ली और शिमला स्थित कांग्रेस हाईकमान को भी भेजेंगे।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो यह असंतोष व्यापक जनआंदोलन का रूप भी ले सकता है।