गंगा का जलस्तर चेतावनी बिन्दु को किया पार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए लगाए गये हैं ट्रैक्टर : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने चैनपुरवा, मजरा कटरी, लक्ष्मीखेड़ा सहित गंगा बैराज के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य समयबद्ध ढंग से संचालित किए जाएं और किसी भी हाल में आमजन को असुविधा न होने पाए। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का चिन्हांकन कर आवश्यकता अनुसार तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए। पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी को गांवों में साफ–सफाई की विशेष व्यवस्था बनाए रखने और निगरानी करने को कहा गया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर आवश्यक दवाओं का वितरण कराया जाए तथा बीमार व्यक्तियों को चिन्हित कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर को आदेशित किया कि गांवों में सभी विभागीय अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर की सूची फ्लैक्स बोर्ड के रूप में प्रमुख स्थानों पर लगाई जाए, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके।

इस दौरान ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी (आईएएस) अनुभव सिंह ने अवगत कराया कि चैनपुरवा के 42 परिवार जलस्तर बढ़ने से प्रभावित हुए हैं। इन परिवारों को बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं तथा राशन भी कोटेदार के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। गांव में प्रवेश के लिए जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क टैक्टर की भी व्यवस्था की गई है।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।