शर्मा ने जोशी को अवगत कराया कि प्रदेश में इस योजना के घटक-ए में अब तक 457 मेगावाट क्षमता के विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 3200 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित करने के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं।
इस दौरान केन्द्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि राज्य सरकार के विगत डेढ़ वर्ष में किए गए प्रयासों से राजस्थान पी. एम. कुसुम योजना के घटक-ए के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी बना है। साथ ही, घटक-सी में विक्रेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम हुआ है, जो बेहद सराहनीय है। जोशी ने कुसुम 2.0 के तहत प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में केन्द्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग देने के लिए आश्वस्त किया।
उल्लेखनीय है कि पी. एम. कुसुम योजना के घटक-ए एवं सी के सफल क्रियान्वयन से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘अन्नदाता बनेगा ऊर्जादाता’ संकल्प प्रदेश में साकार हो रहा है।