भोपाल, 3 नवंबर । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के तीव्र प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार मध्य प्रदेश विरासत के संरक्षण में आगे है। विकास के अनूठे कदम उठाए गए हैं। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का माध्यम बना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के लाल परेड मैदान पर मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह “अभ्युदय मध्य प्रदेश” के तीसरे दिन सोमवार शाम को समापन अवसर पर नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक नगरी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। बाबा महाकाल की कृपा उज्जैन पर है। सम्राट विक्रमादित्य ने कलयुग में भी सतयुग जैसा और भगवान श्रीराम की तरह शासन किया। ज्ञान, न्याय, दानशीलता, शौर्य के गुणों से उन्हें महान शासक की संज्ञा मिली। उन्होंने विक्रम संवत को प्रारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दाे वर्ष में प्रदेश के विकास के लिए अनूठे कदम उठाए गए हैं। मात्र डेढ़ वर्ष की अवधि में राज्य में 18 मेडिकल कॉलेज खुले हैं। आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज खोलने में मध्य प्रदेश में सबसे आगे है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज सभी जिलों में हैं। राज्य के सभी जिलों में पुलिस बैंड के दल गठित किए गए। इसके लिए रिक्त पदों की पूर्ति की गई। आयोजनों को गरिमा मेय बनाने के लिए पुलिस बैंड का उपयोग व्यापक स्तर पर सराहा गया है। पुलिस बैंड के सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिलवाया गया। हाल ही में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर केवड़िया (गुजरात) में हुए कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पुलिस बैंड दल का उपयोग किया गया। निश्चित ही यह मध्य प्रदेश के लिए गर्व और गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज भी प्रदेश के एक प्रतापी शासक थे। उनका शासन काल सम्राट विक्रमादित्य से लगभग 1000 साल बाद का रहा। भोपाल में स्थित विशाल सरोवर भोजताल कहलाता है। भारतीय संस्कृति के ऐसे पुरोधा और सुशासन देने वाले शासको की स्मृति में आयोजनों का सिलसिला चलता रहेगा।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य मंचन से जुड़े रहे हैं। संस्कृति में उनकी विशेष रूचि है। सम्राट विक्रमादित्य की खूबियों को नाटक के माध्यम से मंच पर लाने का कार्य करीब दो दशक से चल रहा है। भोपाल के निवासियों को पहली बार यह प्रस्तुति देखने को मिली है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक जगत में दिए जा रहे निर्देशन की सराहना की।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, मंत्रीगण करण सिंह वर्मा, उदय प्रताप सिंह, संपतिया उईके, तुलसीराम सिलावट, निर्मला भूरिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, चैतन्य काश्यप, कृष्णा गौर, गौतम टेटवाल, नारायण सिंह पवार और नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल प्रवास पर आए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे।