एसडीएम ने चेतावनी दी कि किसी भी पीएसीएस में भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा या गैर-किसानों के नाम पर ऋण वितरण और धान खरीद जैसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सभी भुगतान बैंक खाते से ही करने तथा नकद लेन-देन से परहेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीद केवल वास्तविक किसानों से की जाए, बिचौलियों या फर्जी नाम पर खरीदी पाए जाने पर संबंधित सचिव और अध्यक्ष के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आगामी धान अधिप्राप्ति सत्र को देखते हुए निर्देश दिया कि किसानों की सूची, मात्रा और भुगतान स्थिति पंचायत व पीएसीएस कार्यालयों में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए। बैठक में समितियों की समस्याएं सुनी गईं और कई मुद्दों पर मौके से ही समाधान के निर्देश दिए गए।