मृत अवस्था में मिला लकड़बाघा, वन विभाग ने किया दफन

हरेंद्र लोहरा ने तत्काल वन विभाग को घटना की जानकारी दी। सूचना पाते ही वनरक्षी राकेश कुमार, ओमप्रकाश और अनिल मांझी दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों की ओर से वन्यजीव की स्थिति का निरीक्षण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि शव दो से तीन दिन पुराना है और गंध भी आने लगी थी। प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया गया कि लकड़बाघा की मौत किसी तेज रफ्तार वाहन से टकराने के कारण हुई होगी, क्योंकि शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान भी पाए गए।

वन विभाग की टीम ने सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को ध्यान में रखते हुए जेसीबी मशीन बुलवाकर गड्ढा खुदवाया और लकड़बाघा के शव को विधिवत दफन कराया। अधिकारियों के अनुसार, मृत वन्यजीव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना संभव नहीं था क्योंकि शव काफी खराब स्थिति में था।

घटना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर वनरक्षा समिति के अध्यक्ष संजीत राम, ग्रामीण अमर गुप्ता, इंद्रजीत साहु, रामलखन सिंह, किशोर साहु सहित कई स्थानीय लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने कहा कि जंगल क्षेत्र होने के कारण यहां वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य है, लेकिन मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार और रात में भारी वाहनों के चलने से ऐसे हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।