जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ मंत्री कहते हैं कि प्रदेश में 1600 से ज्यादा सड़के दुरुस्त है, मात्र 10-15 सही करनी बाकी हैं। जबकि मुख्यमंत्री कहते हैं कि हर नागरिक को बाकि सुविधाएं देना हमारा काम है? तो प्रदेश के लोगों को क्या बिजली और पानी सड़क की सुविधा नहीं मिल रही है? जबकि विधानसभा के मानसून सत्र में ही सरकार ने ज्यादा सुविधाओं को रिस्टोर कर लेने की बात की थी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री यह बताएं की डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू होने के बाद उन्होंने कितने आपदा प्रभावित क्षेत्र का विशेषत: दौरा किया है? यह भी बताएं कि प्रदेश की 3615 पंचायत में से कितनी पंचायतें अभी भी मुख्य सुविधाओं से नहीं जुड़ पाई हैं? जिनकी वजह से चुनाव टाला जा रहा है? यह चुनाव प्रदेशवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर डाका डालने जैसा है। साथ ही महात्मा गांधी जी पंचायती राज के स्वप्न की हत्या है। ग्रामीण आजीविका के साथ छल है। समय से चुनाव न होने पर पंचायत में मनरेगा के आम काम कैसे होंगे? केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित मनरेगा ग्रामीण आजीविका और अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आधार है। मनरेगा के बंद होने से होने वाले नुकसान की भरपाई कौन करेगा?