शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता : कमिश्नर डोमन सिंह

वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देकर निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने हेतु बूथ लेवल आफिसर्स को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। इस दिशा में बीईओ, बीआरसी और संकुल समन्वयकों को भी जिम्मेदारी सौंपकर कम प्रगति वाले बूथों पर सहायता प्रदान किया जाए। कमिश्नर बस्तर शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उक्त निर्देश दिए। बैठक में स्कूल भवन निर्माण एवं अन्य लघु निर्माण कार्यों, स्कूल भवनों में विद्युतीकरण एवं विद्यात कनेक्शन प्रदाय, अपार आईडी तथा लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण स्थिति की भी समीक्षा की गई।

कमिश्नर सिंह ने समीक्षा बैठक में कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम तभी संभव हैं, जब विद्यालयों में नियमित कक्षाएं, विषय-विशेष प्रशिक्षण, मॉडल परीक्षा, टेस्ट सीरीज और कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन पर जोर दिया जाए। उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई के वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का सतत मूल्यांकन करें और जहां आवश्यकता हो, अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधन आज की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में इनका प्रभावी उपयोग छात्रों की सीखने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षाओं की तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करें कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिले और बस्तर संभाग बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाए।

जनसहभागिता से न्यौता भोज आयोजन करने पर जोर

कमिश्नर डोमन सिंह ने सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के बच्चों को नियमित तौर पर स्कूल से जोड़ने एवं उन्हें पौष्टिक आहार मुहैया करवाने के लिए जनसहभागिता से न्यौता भोज आयोजन करने पर जोर देते हुए कहा कि न्यौता भोज के लिए ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाए। वहीं जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और मैदानी अमले को एक-दूसरे के साथ मिलकर न्यौता भोज देने प्रोत्साहित करें। बैठक में डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा एचआर सोम, जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर बीआर बघेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं अन्य जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।