राज्य सरकार के प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि संकटग्रस्त महिलाओं के लिए प्रदेश में कुल 14 शक्ति सदन की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में मिर्जापुर, सहारनपुर, कानपुर देहात, चित्रकूट, गोंडा और बस्ती में संकटग्रस्ट महिलाएं आसरा पा रही हैं। योजना के अंतर्गत अलीगढ़, आजमगढ़, कानपुर नगर, चित्रकूट, झांसी, गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर, वाराणसी और सहारनपुर जनपदों में एक-एक शक्ति सदन जबकि मथुरा जनपद में चार शक्ति सदन की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शक्ति सदन की क्षमता 50 महिलाओं की निर्धारित की गई है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 1 करोड़ 75 लाख की पहली किश्त प्रशासनिक स्तर पर भवन, संचालन और संसाधनों से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए जारी हो गई है।
11 जिलों में सक्रिय व्यवस्था, पुनर्वास पर जोर
उन्होंने बताया कि शक्ति सदन योजना के सुचारु संचालन के लिए सरकार वित्तीय स्तर पर समस्त सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। यहां घरेलू हिंसा से पीड़ित, भूली-भटकी, जेल से मुक्त तथा पारिवारिक विवाद से ग्रस्त महिलाओं को अस्थायी संरक्षण दिया जा रहा है। उन्हें काउंसिलिंग के माध्यम से मानसिक, सामाजिक संबल प्रदान कर परिवार में पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सामाजिक दायित्व निभाने के लिए संकल्पबद्ध है। सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर मिशन शक्ति योजना के माध्यम से प्रदेश में महिला संरक्षण की नीतियों को व्यवहारिक स्वरूप दे रही है।