डॉ.शर्मा ने संस्था प्रभारी को निर्देश देते हुए कहा कि कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव दिनांक के पूर्व जांच कर चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप प्रसव कराया जाए। निरीक्षण में प्रसूता महिलाओं से उपचार एवं डाइट का फीडबैक भी लिया गया। निरीक्षण के पश्चात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और स्टाफ की बैठक लेकर निर्देश दिए कि अस्पताल में चिकित्सक से लेकर सभी स्टाफ निर्धारित समय पर ओपीडी में उपस्थित रहे और सार्थक ऐप पर ही अपनी उपस्थिति दर्ज करें। सार्थक ऐप की उपस्थिति के आधार पर ही वेतन आहरित किया जाएगा उपचार के साथ-साथ मरीजों एवं परिजनों से व्यवहार भी अच्छा रखा जाए। शिकायत मिलने पर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनीष शर्मा ने बताया कि अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना के बाद शिशु रोग इकाई में उपचार सेवाओं को और बेहतर किया जा रहा है। संस्था में नियत समय पर उपस्थित और सार्थक ऐप अटेंडेंस की नियमित समीक्षा की जाएगी।