राजस्थान में हाईवे से 500 मीटर के दायरे में नहीं हटेंगी शराब की दुकानें

नई दिल्ली, 19 जनवरी । उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें नगर निगम और शहरी निकायों की सीमाओं के भीतर राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की 500 मीटर की परिधि से 1102 शराब की दुकानों को हटाने या स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया था। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया।

राजस्थान सरकार और शराब के लाइसेंस धारकों ने ने राजस्थान उच्च न्यायालय के 24 नवंबर, 2025 के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से 500 मीटर की परिधि में स्थित सभी शराब दुकानों की पहचान कर उन्हें हटाए एवं स्थानांतरित करे, भले ही वे नगर निगम सीमा, स्थानीय स्वशासी निकायों या वैधानिक विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आती हों।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि नगर सीमाओं का विस्तार उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों को शिथिल करने का आधार नहीं बन सकता, और राजमार्गों के समीप शराब की उपलब्धता से कथित रूप से जुड़े बढ़ते सड़क हादसों पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।

उच्च न्यायालय ने दुर्घटना संबंधी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सार्वजनिक सुरक्षा, लगभग 2100 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व नुकसान जैसी वित्तीय चिंताओं पर वरीयता रखती है।