राजगढ़ःहिन्दू सम्मेलन आयोजित, भगवा पताकाओं व झांकियों के साथ निकला चलसमारोह

राजगढ़, 22 जनवरी । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष और अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर गुरुवार को सारंगपुर की कृषि उपज मंडी परिसर में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस मौके पर जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों से पूरा शहर धर्ममय नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत पंडितवाड़ी स्थित श्रीराम मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन एवं महाआरती से हुई। इसके पश्चात शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य कलश यात्रा एवं चलसमारोह निकाला गया। चल समारोह में भगवान श्रीराम, भारत माता, रानी लक्ष्मीबाई की आर्कषक झांकियां शामिल रही, जो लोगों के लिए आर्कषण का केन्द्र रही। कृषि उपज मंडी परिसर में गायत्री परिवार द्वारा वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्वालुओं ने आहुति प्रदान कर समाज, राष्ट्र और विश्व कल्याण की कामना की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रीय एवं सनातन संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी, जिन्हें मौजूद जनसमूह ने करतल ध्वनि से सराहा।

कार्यक्रम में प्रांतीय संगठन मंत्री सुरेन्द्र सोलंकी ने अपने उद्वोधन में कहा कि आज हिन्दू समाज के समक्ष गंभीर चुनौतियां खड़ी है, इतिहास साक्षी है कि जब समाज संगठित नही रहा, तब उन्हें विदेशी आक्रांताओं और अत्याचारों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि संगठित, संस्कारित और समरस हिन्दू समाज ही राष्ट्र की रक्षा कर सकता है।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता अपूर्ण गिरी महामंडलेश्वर वर्षा नागर ने कहा कि आरएसएस पिछले 100 वर्षों से निस्वार्थ भाव से राष्ट्र, समाज और संस्कृति की सेवा करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित व जागरुक करना है। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि वह मोबाइल, सोशल मीडिया और मनोरंजन तक सीमित न रहे, बल्कि अपने इतिहास को जानें, अपने वीरों को पहचानें और अपनी संस्कृति पर गर्व करें। उन्होंने बेटियों को दुर्गा स्वरुप बनने का संदेश देते हुए कहा कि भारत की बेटियां केवल परिवार की नही, बल्कि राष्ट्र की शक्ति है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मां भारती की आरती की गई। इसके पश्चात समरसता भोज का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्ग के लोगों ने एक साथ पंक्ति में बैठकर भोजन किया और समाजिक एकता व भाईचारे का संदेश दिया। इस आयोजन ने संदेश दिया कि संगठन, संस्कार और समरसता से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। संघ शताब्दी वर्ष के इस आयोजन ने सारंगपुर नगर में धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय भावना को नई उर्जा प्रदान की। इस अवसर पर संत नित्यानंद महाराज पिपल्यापला सहित अन्य संत, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।