तेहरान, 02 मार्च । पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच तनाव और गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसके हालिया मिसाइल हमलों में इजराइल के प्रधानमंत्री और शीर्ष सैन्य नेतृत्व से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस दावे ने क्षेत्र में हालात को और अधिक विस्फोटक बना दिया है।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक सोमवार को आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक न्यूज आउटलेट ‘सेपा न्यूज’ पर जारी बयान में कहा कि ये “टारगेटेड और सरप्राइज” हमले स्वदेशी खेइबर बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए किए गए। संगठन के अनुसारखेइबर मिसाइल को मई 2023 में प्रदर्शित और परीक्षण-प्रक्षेपित किया गया था। इसकी मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर बताई गई है और यह 1,500 किलोग्राम तक का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू की स्थिति के बारे में तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है और इस संबंध में आगे विवरण बाद में साझा किया जाएगा।आईआरजीसी के बयान में कहा गया कि शनिवार सुबह तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वाेच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई, उनके परिवार के कुछ सदस्य, वरिष्ठ सैन्य कमांडर और आम नागरिक मारे गए हैं।
इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। क्षेत्र में जारी सैन्य टकराव के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब दोनों पक्षों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।