जयपुर, 09 मार्च । राजस्थान हाईकोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में करोड़ों रुपए के घोटाले से जुडे मामले में तीन दिन में बताने को कहा है कि टेंडर प्रक्रिया में कौन-कौन से अधिकारी रहे थे। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश टीएन शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने समस्त दस्तावेजों के साथ एसीबी में करीब 27 शिकायत दे रखी हैं। वहीं एसीबी अधिकारियों ने पूर्व में अदालत को आश्वस्त किया था कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है और एक बार फिर समय मांगा जा रहा है। इस पर अदालत ने एएजी भुवनेश शर्मा को कहा कि यदि एकलपीठ के आदेश से विभाग संतुष्ठ नहीं है तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन हम भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेंगे। अदालत ने कहा कि जब दस्तावेजों के साथ शिकायत दी गई हैं तो दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। यहां तक की दोषी अफसरों के नामों की जानकारी तक नहीं दी गई है। इसके साथ ही अदालत ने कोर्ट में उपस्थित डीआईजी आनंद शर्मा को कहा कि वे टेंडर प्रक्रिया में शामिल रहे अफसरों के नाम बताए और प्रकरणों का संक्षिप्त विवरण बनाकर भी अदालत में पेश करें। याचिका में अधिवक्ता पीसी भंडारी ने बताया कि याचिकाकर्ता ने कोर्ट के आदेश पर विभाग की 27 शिकायत रिकॉर्ड सहित एसीबी में दी हैं, लेकिन अभी तक किसी में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक की अधिकांश मामलों में परिवादी के बयान तक नहीं लिए गए। जबकि दस्तावेजों से साफ है कि टेंडरों में करोडों का भ्रष्टाचार हुआ है।