गुरुग्राम: एक नाम से दो फ्लैट लेकर ग्रुप हाउसिंग के नियमों की उड़ाई धज्जियां

गुरुग्राम, 14 मार्च । सेक्टर-10ए स्थित कर्मयोगी सोसायटी में एक महिला ने दो फ्लैट लेकर सोसायटी के नियमों की अवहेलना की है। इसकी जानकारी होने सोसायटी मैनेजमेंट ने रजिस्ट्रार सहकारी समिति से कार्रवाई की मांग की गई। इस मामले में रजिस्ट्रार सहकारी समिति ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार गुरुग्राम के माध्यम से सोसाइटी मैनेजमेंट को 18 दिसंबर 2025 को कार्यवाही करने के आदेश दिए थे। आदेशों का पालन करते हुए कर्मयोगी सोसाइटी मैनेजमेंट ने 15 मार्च को आम सभा बुला रखी थी, जिस पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार त्रिलोचन सिंह चट्ठा ने पक्षपात पूर्ण कार्रवाई करते हुए आम सभा पर रोक लगा दी, जिसकी कर्मयोगी सोसाइटी मैनेजमेंट द्वारा रजिस्ट्रार सहकारी समिति पंचकूला मे अपील करने पर आम सभा पर लगी रोक को हटा दिया गया परन्तु उक्त फ्लैट पर कार्रवाई करने से रोक लगा दी। कर्मयोगी सोसाइटी के प्रधान विकास चोपड़ा ने बताया कि इस मामले में डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी समिति गुरुग्राम यशपाल दहिया ने अलग से सुनवाई शुरू कर 26 फरवरी को मैनेजमेंट कमेटी सदस्यों को अपने कार्यालय में बुलाकर महिला के दोनो फ्लैट ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय मे समस्या का हल न निकलने पर महिला के पुत्र ने उसी दिन मैनेजमेंट कमेटी पर एक लाख की रिश्वत मांगने का कथित आरोप लगाकर असिस्टेंट रजिस्ट्रार त्रिलोचन सिंह चट्ठा को शिकायत दे दी।

नौ मार्च को मैनेजमेंट कमेटी ने त्रिलोचन सिंह चट्ठा से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी और उन्हें अपने बयान दर्ज करवाए। उस दिन भी शिकायतकर्ता ना तो पेश हुआ और ना ही कोई सुबूत पेश कर पाया। इसके बावजूद असिस्टेंट रजिस्ट्रार त्रिलोचन सिंह चट्ठा ने पक्षपात पूर्ण कार्यवाही करते हुए आम सभा पर रोक लगा दी। विकास चोपड़ा ने बताया कि अक्टूबर 2024 में असिस्टेंट रजिस्ट्रार कार्यालय के तीन कर्मचारी इंस्पेक्टर संदीप, सब-इंस्पेक्टर प्रवीण और जोगिंदर ने उनसे सोसाइटी के 30 लोगों की मेम्बरशिप ट्रांसफर करने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत करने पर एंटी करप्शन विभाग द्वारा तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी कार्रवाई चल रही है। दिसंबर 2024 में तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था। परन्तु कुछ समय बाद तीनों को बहाल कर दिया गया और सब इंस्पेक्टर कॉपरेटिव सोसाइटी प्रवीण और जोगिंन्द्र को दोबारा से इसी दफ्तर में तैनात कर दिया गया है। इन कर्मचारियों द्वारा कर्मयोगी सोसाइटी के हर मामले को लटकाया जा रहा है। विकास चोपड़ा ने आरोप लगाया की इसी महिला के पुत्र के साथ इन्होंने मिलकर कथित रिश्वत की साजिश रची है। जिसकी शिकायत मैनेजमेंट कमेटी ने पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा से की है।

कर्मयोगी सोसाइटी निवासी दीवान सिंह ने बताया कि इसी मामले से सम्बधित उनकी दो आरटीआई का जवाब विभाग को बार-बार रिमांइडर भेजने एवं अपील करने पर भी पिछले चार महीने से नहीं मिल रहा। जबकि आरटीआई का जवाब एक महीने में देना होता है।