छात्र की संदिग्ध मौत पर जांच की मांग, एबीवीपी ने निजी विवि प्रशासन को घेरा

शिमला, 03 अप्रैल । सोलन जिला के एक निजी विश्वविद्यालय में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्तिगत हादसा नहीं बल्कि प्रशासन की लापरवाही और छात्रों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील रवैये का परिणाम है।

एबीवीपी की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने शुक्रवार को कहा कि इस घटना ने न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों को झकझोर कर रख दिया है बल्कि पूरे प्रदेश में भी चिंता और आक्रोश का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद परिसर में छात्रों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि संस्थान के भीतर लंबे समय से कई गंभीर समस्याएं बनी हुई थीं, जिन्हें समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया।

एबीवीपी के अनुसार प्रारंभिक जानकारी से यह सामने आया है कि संबंधित छात्र मानसिक दबाव, पढ़ाई से जुड़े तनाव और प्लेसमेंट से संबंधित चिंताओं का सामना कर रहा था। संगठन का आरोप है कि छात्र की इन समस्याओं को समय पर समझने और दूर करने के लिए आवश्यक संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते, तो शायद इस तरह की दुखद घटना टाली जा सकती थी।

नैंसी अटल ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आने से रोकने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी इस मुद्दे को किसी भी स्थिति में दबने नहीं देगी और जब तक निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान नहीं की जाती और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।

एबीवीपी ने राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही विश्वविद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।