राजस्व व शासकीय कार्यों के लिए प्रशासन ने लगाई ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर

जगदलपुर, 04 अप्रैल । बस्तर जिले के विभिन्न तहसीलों में इन दिनों प्रशासन के द्वारा आयोजित राजस्व शिविरों के माध्यम से जनता की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे ‘राजस्व पखवाड़ा’ के तहत शनिवार को तोकापाल तहसील के छापर भानपुरी व बड़े पाराकोट, दरभा के कटेनार व अलवा तथा बास्तानार तहसील के बड़े बोदेनार और लालागुड़ा में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और उनके जरूरी दस्तावेजों को गाँव में ही उपलब्ध कराना रहा।

शिविर के दौरान राजस्व विभाग की सक्रियता से किसानों के चेहरे खिल उठे, जहां उन्हें मौके पर ही निःशुल्क ऋण पुस्तिका, खसरा और पांच शाला दस्तावेजों का वितरण किया गया। केवल दस्तावेज़ वितरण ही नहीं, बल्कि राजस्व अधिकारियों ने फौती, नामांतरण, बंटवारा और रिकॉर्ड में सुधार जैसे जटिल मामलों के आवेदनों पर तत्काल संज्ञान लिया, जिससे किसानों को अपनी भूमि से संबंधित विवादों और त्रुटियों को सुधारने में बड़ी राहत मिली। प्रशासन का यह कदम खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो रहा है।

इस आयोजन के संबंध में एस डी एम शंकर लाल सिन्हा ने बताया कि यहाँ केवल राजस्व ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और खाद्य विभाग की सेवाओं का भी शिविर में आवेदनों का निराकरण किया गया है।जहाँ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बीपी और शुगर की जांच की और निःशुल्क दवाइयां बांटी, वहीं दूसरी ओर पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड भी तैयार किए गए। साथ ही खाद्य विभाग द्वारा नए राशन कार्ड बनाने और ई-केवाईसी की प्रक्रिया को भी मौके पर ही पूरा किया गया। इस बहुउद्देशीय दृष्टिकोण ने इन शिविरों को एक संपूर्ण ‘समाधान केंद्र’ के रूप में स्थापित कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुए इन शिविरों ने सुशासन की दिशा में एक सशक्त मिसाल पेश की है।