बाजरा की 2 व मोठ की 4 किस्मों के साथ तिल की फसल में पोषक तत्व प्रबंधन हेतु की गई अनुशसाएं

बीकानेर, 10 अप्रैल । स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कृषि अनुसंधान केन्द्र में शुक्रवार को दो दिवसीय क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति बैठक का सम्पन्न हुई। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकोें ने बाजरा की 2 व मोठ की 4 किस्मों के साथ तिल की फसल में पोषक तत्व प्रबंधन हेतु अनुशंसाएं की गई तथा 05 तकनीकों को सत्यापित करने हेतु ग्राह्य परीक्षण केन्द्र पर भेजने का निर्णय लिया।

बैठक में क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डाॅ. एस. आर यादव, संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल, काजरी बीकानेर अध्यक्ष डाॅ. नवरत्न पंवार, डॉ एच एल देशवाल, डॉ एस एस शेखावत सहित अन्य वैज्ञानिकों, कृषि विभाग बीकानेर, जैसलमेर एवं चुरु के 86 अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न वैज्ञानिकों ने अपने खरीफ 2025-26 के प्रयोगों के परिणामों का प्रस्तुतीकरण दिया तथा विभिन्न नवीन तकनीकों के पर विचार विमर्श किया। कृषि विभाग के अधिकारियोेें ने अपने प्रस्तुतीकरण में अपने विभाग की प्रगति के बारे में अवगत कराया। कृषि विभाग से सुरेन्द्र मारू, प्रदीप चौधरी, राजकुमार कुल्हरि, दीपक, कपिला ने खरीफ प्रगति प्रतिवेदन रखा।

उद्यान विभाग बीकानेर से सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने उद्यान विभाग की प्रगति पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया । छुग सिंह व रामवतार शर्मा ने उद्यान विभाग का जैसलमेर व चुरु की प्रगति प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विभिन्न वैज्ञानिकों ने अपने खरीफ 2025 के प्रयोगों के परिणामों का प्रस्तुतीकरण दिया तथा विभिन्न नवीन तकनीकों पर विचार विमर्श किया। डाॅ. एस. पी. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डाॅ. बी. डी. एस. नाथावत ने मंच संचालन किया। जर्क में कृषि वैज्ञानिक प्रो. अमर सिंह गोदारा, डॉ राजेंद्र राठौड़, डॉ शीशपाल, डॉ पी एस राठौड़, डॉ विजय सिंह, डॉ एन एस नाथावात व विभागीय अधिकारी दीपक कपिला, जीवन राम, राजकुमार कुलहरि, उपनिदेशक जयदीप दोगने, सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत, सुरेन्द्र मारू, राजेश गोदारा, सुभाष विश्नोई, राजूराम डोगीवाल, रघुवर दयाल, रूबीना परवीन, प्रदीप चौधरी, मीनाक्षी, महेन्द्र प्रताप, रमेश भाम्भू, जोधराज, सोमेश तंवर, मेघराज आदि उपस्थित रहे।