किया है। इसी वजह से इनसो को सम्मेलन की अनुमति नहीं दी गई।
प्रदर्शनकारी छात्रों
ने कुलपति कार्यालय में जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उनको रोक लिया। इस पर जजपा कार्यकर्ताओं
और छात्रों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। इससे मामला तनावपूर्ण हो गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन
की ओर से और पुलिसबल बुला लिया गया। महिला पुलिसकर्मी आगे आई तो दिग्विजय चौटाला ने
कहा कि लड़कों के प्रदर्शन में महिला पुलिस कर्मियों को किस लिए बुलाया गया है। उन्होंने
पुलिस को बीच में ना आने के लिए टोका। इसके बाद जजपा कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कुलपति
कार्यालय पर कब्जा कर लिया। वहां रखे गमले भी तोड़कर इधर-उधर फेंक दिए। कुलपति के जाने
के बाद प्रदर्शनकारियों ने उनके ऑफिस पर धरना दिया, जो एक घंटे तक चला।
प्रदर्शन कर रहे
इनसो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जजपा की युवा विंग यूनिवर्सिटी में युवा सम्मेलन
करना चाहती थी मगर, कुलपति नरसीराम बिश्नोई ने कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी। इसके
बाद जजपा ने साथ लगती यादव धर्मशाला में कार्यक्रम रखा गया। यादव धर्मशाला में पहुंचने
पर दिग्विजय ने छात्रों को संबोधित किया और वीसी के सम्मेलन की इजाजत न देने की नाराजगी
जताई। उन्होंने वीसी ऑफिस घेरने का ऐलान किया। इसके बाद छात्र और जजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन
करते हुए वीसी ऑफिस पहुंच गए और हंगामा किया। पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड भी हटा
दिए।
जैसे ही जजपा कार्यकर्ता
और छात्र वीसी ऑफिस पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। छात्र वीसी से बात कराने की
मांग करने लगे। मगर, पुलिस ने इनकार कर दिया। इससे बाद छात्र भड़क गए और वीसी ऑफिस के
दरवाजे तक पहुंच गए। उन्होंने दरवाजे को हिला डाला और गमले भी इधर-उधर फेंक दिए गए।
इस हंगामे के वक्त दिग्विजय चौटाला भी मौजूद थे।
इसके बाद जजपा कार्यकर्ता
और छात्र उग्र हो गए। उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। इसे देखते हुए और पुलिस बल
बुला लिया गया। महिला पुलिस कर्मी भी आ गई। प्रदर्शनकारियों को उग्र होते हुए महिला
पुलिस कर्मी आगे आई तो दिग्विजय चौटाला ने यह कहते हुए टोका कि लड़कों के प्रदर्शन में
महिला पुलिस कर्मियों को किस लिए बुलाया गया है।
हंगामा बढ़ता देख
वीसी पिछले गेट से निकल गए। इसका पता चलते ही दिग्विजय चौटाला और जजपा कार्यकर्ता वीसी
ऑफिस के सामने ही धरना देकर बैठ गए। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जो वीसी अपनी कुर्सी
और यूनिवर्सिटी नहीं संभाल सकता, वो छात्रों का भविष्य कैसे संवारेंगे। काफी देर तक
प्रदर्शनकारी धरने पर ही बैठे रहे।
दिग्विजय चौटाला
ने कहा कि जो कुलपति छात्रों से संवाद नहीं कर सकते, उनसे आगे क्या उम्मीद कर सकते
है। कुलपति का बिना छात्रों से मिले और संवाद करे यहां से चले जाना, गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने ऐलान किया कि 27 अप्रैल को दोबारा छात्र यहां प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस को पहले बता
दिया था : कुलपति
गुजवि कुलपति नरसी
राम बिश्नोई का कहना है कि पुलिस को समय रहते छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सूचना दे
दी गई थी। सुरक्षा में कहीं ना कहीं चूक हुर्ह है। प्रदर्शनकारियों को गेट के आगे आना
था, मगर वह कार्यालय तक पहुंच गए। कुलपति ने बताया कि प्रदर्शन के नाम पर कुछ लोग गुंडागर्दी
करने पहुंचे थे। कोई डिमांड तक वह देकर नहीं गए है। जहां तक स्थान की बात है तो हमारे
पहले से ही कार्यक्रम तय थे ऑर हॉल बुक थे। इस बारे में छात्रों को पहले ही बता दिया
गया था।