शहर की सड़कों पर धर्म की आड में चल रही अनाधिकृत गौशालाएं

जयपुर, 22 अप्रैल । शहर की सड़कों को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने की दिशा में नगर निगम सफल नहीं हो पा रहा है। यहीं वजह है कि शहर की सड़कों पर इन पशुओं के अलावा सक्रिय गिरोह द्वारा अनाधिकृत गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। इन गौशालाओं के चलते सड़कों पर लगने वाले जाम से आमजन परेशान है , लेकिन इससे निगम के अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं है। निगम का दस्ता उधर से गुजरता है भी तो उनकों यह गौशालाएं नजर नहीं आती है।

शहर की सड़कों पर यातायात को सुगम बनाने की दिशा में निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस काम कर रहे है। जयपुर में मालवीय नगर,जगतपुरा, वैशाली नगर, शास्त्रीनगर, विद्याधर नगर , प्रतापनगर, मानसरोवर सहित अन्य चारदीवारी से बाहर की कॉलोनियों की महत्वपूर्ण सड़कों पर जगह-जगह गायें बंधी नजर आती है और उसके आस-पास हरा चारा बेचने वाले की अस्थाई दुकान भी लगी होती है। यहां पर दिनभर गायों को चारा खिलाने वाले आते रहते है। चारा खिलाने वाला व्यक्ति अपनी कार या दुपहिया वाहन सड़क पर ही खड़ी कर गाय को चारा खिलाने का पुण्य कमाने में व्यस्त हो जाता है और सडकों पर जाम लग जाता है। इसके साथ ही सड़कों पर घूमते बेसहारा पशु हादसों कारण बनते है और इन हादसों में लोग गम्भीर घायल हो जाते हैं। शहर में कई मंदिरों के आस-पास भी इस तरह की दुकानें सजी हुई है जहां पर हरा चारा मिलता है और पास में ही गायें भी बंधी रहती है। महल रोड पर जगतपुरा पुलिया से सात नम्बर बस चौराहे के बीच एक मंदिर के पास , वैशाली नगर में झारखंड महादेव मंदिर सहित कुछ अन्य मंदिरों के पास इस तरह की अनाधिकृत गौशालाएं खुली हुई है।

शहर में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो कि धर्म के नाम पर धंधा कर रहा है। यह गिरोह चारा बेचने के साथ ही अपनी खुद की गाय वहां लाकर बांध देते है। इससे उनको डबल मुनाफा होता है। निगम की पशु प्रबंधक शाखा पर गिरोह से सांठ-गांठ के भी आरोप है। यह गिरोह अलसुबह से अपना कारोबार शुरू करते है और शाम तक चलता रहता है। इस बीच दोपहर में गायों का दुध निकालने के लिए वे उन्हें घर लेकर जाते है और उसके बाद वापस लाकर बांध देते है।

गौवंश को लेकर मिलने वाली शिकायतों का नगर निगम प्रशासन समय पर निस्तारण नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह से शहर की सड़कों पर गौवंश सहित अन्य मवेशी नजर आ रहे है जो कि हादसों की वजह बन रहे है। टोंक रोड, मानसरोवर मध्यम का मध्यम मार्ग सहित अन्य मार्गो पर,जगतपुरा, प्रतापनगर सहित अन्य सड़कों पर बेसहारा मवेशी नजर आ रहे है। पिछले 50 दिन में निगम के पास सड़कों पर गौवंश को लेकर 213 शिकायतें मिली है। इन सभी शिकायतों का निगम निस्तारण नहीं कर पाया। इससे आमजन को राहत मिलने के बजाय परेशानी बढ़ती चली जा रही है। 21 अप्रेल तक निगम प्रशासन के पास 68 शिकायत पैंडिंग है।

जयपुर से लगते अजमेर, सीकर, आगरा और टोंक रोड घूमते मवेशी लगातार हादसों की वजह बन रहे है। इन हाइवे पर घूमते मवेशियों के रोकथाम और हादसों के लिए जिम्मेदारी लेने वाला कोई नजर नहीं आता है। यहीं वजह है कि हाइवे आवारा मवेशियों से मुक्त नहीं हो पाए है। आगरा रोड से टोंक और टोंक रोड से अजमेर रोड के बीच बनी 47 किलोमीटर रिंग रोड का भी कमोबेश यहीं हाल बना हुआ है।

इस संबंध में पशु प्रबंधन शाखा, नगर निगम उपायुक्त अनिता मित्तल का कहना है कि इन गौशालाओं की जानकारी लेकर जल्द कार्रवाई की जाएगी। मैं कुछ समय से ट्रेनिंग में थी तो मुझे इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। आगामी समय में इस तरह के लोगों पर कड़ी कार्रवाई के साथ उन्हें पाबंद भी किया जाएगा।