विशेष सत्र जनता को गुमराह करने की कोशिश : सूर्यकांत धस्माना

देहरादून, 27 अप्रैल । विधानसभा के प्रस्तावित एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि यह सत्र जनता,विशेषकर महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास है।

उन्होंने सोमवार को आयाेजित पत्रकार वार्ता में कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर सरकार जनता की ‘आंखों में धूल झोंकने’ का काम कर रही है। धस्माना ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में संसद से पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को लागू करने में केंद्र सरकार ने जनगणना और परिसीमन का मुद्दा जोड़कर बाधा उत्पन्न की।

धस्माना ने अंकिता भंडारी प्रकरण सहित राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का जिक्र करते हुए भाजपा से विधानसभा में महिलाओं से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड को महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में शीर्ष पर पहुंचाने की जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी के विधायक विशेष सत्र में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को जोर-शोर से उठाएंगे। साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में गांव-गांव जाकर महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा की नीतियों को उजागर किया जाएगा।

धस्माना ने कहा कि 28 अप्रैल को आहूत विशेष सत्र में कोई ठोस विधायी कार्य प्रस्तावित नहीं है और केवल निंदा प्रस्ताव लाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण वर्तमान लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों पर ही तत्काल लागू किया जाए।

सूर्यकांत धस्माना ने राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में कथित नियम उल्लंघन के साथ आयोजित विवाह समारोह के मामले पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। इसके अलावा एक क्लब बार में समय सीमा के बाद संचालन के मामले में पुलिस कार्रवाई रोके जाने पर उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की। पत्रकार वार्ता में प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल और उपाध्यक्ष पूनम कंडारी भी उपस्थित रहे।