पांच सितारा होटल का वन्यजीव क्लीयरेंस रद्द करने का आदेश निरस्त

जयपुर, 28 अप्रैल । राजस्थान हाईकोर्ट ने आमेर में संचालित पांच सितारा होटल को राहत देते हुए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की ओर से उसका वन्यजीव क्लीयरेंस रद्द करने वाले 28 फरवरी, 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश कान्हा होटल्स एंड स्पा प्रा. लि. की याचिका को स्वीकार करते हुए दिए।

अदालत ने माना की याचिकाकर्ता होटल इको सेंसिटिव जोन अधिसूचना से पहले ही बनकर तैयार हो चुकी थी और इसके लिए राज्य वन्यजीव बोर्ड ने भी सकारात्मक रूप से सिफारिश की थी। ऐसे में पहले से विद्यमान इकाईयों पर नई शर्ते भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं की जा सकती। याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने आमेर के चिमनपुरा गांव में नाहरगढ़ अभयारण्य से पास जमीन खरीदी थी। जिसका पूर्व में ही कृषि भूमि से औद्योगिक रूपान्तरण किया जा चुका था। वहीं साल 2006 में पर्यटन विभाग ने नई होटल पॉलिसी जारी कर कई तरह की छूट की घोषणा की। इसका लाभ लेने के लिए याचिकाकर्ता ने पर्यटन इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद साल 2019 में उपवन संरक्षक की रिपोर्ट पर उसे साल 2020 में वन्यजीव क्लीयरेंस प्रदान करने की सिफारिश की गई। जिसके आधार पर प्रदूषण बोर्ड ने याचिकाकर्ता को होटल संचालन की अनुमति दी। याचिका में कहा गया कि वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने फरवरी, 2024 की बैठक में होटल को नया प्रस्ताव मानते हुए क्लीयरेंस देने से इनकार कर दिया। जिसका विरोध करते हुए केन्द्र सरकार की ओर से कहा गया कि याचिका में विशेषज्ञ निकाय की राय को चुनौती दी गई है। ऐसे में अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने वन्यजीव क्लीयरेंस रद्द करने वाले आदेश को निरस्त कर दिया है।