भोपाल, 13 मई । मध्य प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व की चोरी रोकने के लिए राज्य शासन द्वारा लागू की गई ई-चेकगेट व्यवस्था एक महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार के रूप में सामने आई है। आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी प्रणाली से लैस इस व्यवस्था से अब तक 20 जिलों में कार्रवाई करते हुए 139 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं और 4.12 करोड़ रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया जा चुका है। तकनीक आधारित इस नवाचार से अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगा है, साथ ही पारदर्शी एवं जवाबदेह खनिज परिवहन व्यवस्था सशक्त हुई है।
जनसंपर्क अधिकारी के.के. जोशी ने बुधवार को बताया कि खनिज परिवहन की निगरानी के लिए प्रदेश के 23 जिलों में चिन्हित महत्वपूर्ण मार्गों के 40 स्थानों पर ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। ई-चेकगेट्स से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की डिजिटल ट्रैकिंग, परिवहन अनुमति की जांच और परिवहन गतिविधियों की सतत निगरानी की जा रही है। ई-चेक गेट व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए संचालनालय भोपाल में राज्य स्तरीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके साथ ही संबंधित 23 जिलों में जिला कमांड सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां से परिवहन गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
गौरतलब है कि सरकार ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए 16 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 में संशोधन संबंधी अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में ‘चेक गेट’ को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी प्रणाली के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसका उद्देश्य खनिज परिवहन की निगरानी एवं अवैध परिवहन की रोकथाम करना है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार राज्य शासन द्वारा पंजीकृत वाहनों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जिनका रखरखाव वाहन स्वामी द्वारा किया जाएगा। यह उपकरण यदि निष्क्रिय अथवा क्षतिग्रस्त पाया जाता है, तो संबंधित वाहन का पंजीयन निलंबित अथवा निरस्त किया जा सकेगा। संशोधित नियमों में यह प्रावधान भी किया गया है कि ई-चेक गेट से प्राप्त सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर अनियमितता पाए जाने पर वाहन स्वामी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा वाहन जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकेगी।