कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य घोषित करने का प्रस्ताव: मंत्री धन सिंह

देहरादून, 17 जून । उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य घोषित करने के लिए राज्य सरकार शीघ्र ही कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाएगी। विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री रावत ने बुधवार को बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने के करीब है। उन्होंने कहा कि आगामी कैबिनेट बैठक में ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य का प्रस्ताव रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के उल्लास (अंडरस्टैंडिंग लाइफलॉन्ग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसाइटी) कार्यक्रम के तहत निर्धारित साक्षरता मानकों को राज्य ने पूरा कर लिया है। वर्तमान में उत्तराखंड की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक है, जो निर्धारित मानकों से ऊपर है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के तहत वयस्कों को बुनियादी साक्षरता, जीवनोपयोगी कौशल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, आधारभूत शिक्षा और सतत शिक्षा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं, कॉरपोरेट इकाइयों और जागरूक नागरिकों के सहयोग से गांवों को गोद लेकर निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया गया।

उन्होंने कहा कि अभियान में विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य वंचित वर्गों को शामिल किया गया। साथ ही उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई, जहां महिला साक्षरता दर 60 प्रतिशत से कम थी। मंत्री ने बताया कि अब तक मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम को पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा मिल चुका है। उत्तराखंड यह उपलब्धि हासिल करने वाला छठा राज्य बन सकता है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के अनुसार किसी राज्य में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की साक्षरता दर 95 प्रतिशत या उससे अधिक होने और गैर-साक्षर लोगों तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा होने पर उसे ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य माना जाता है।