मानसून से पहले हिमाचल में मौसम का ट्रेलर, चार दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, शिमला में भारी भूस्खलन

शिमला, 18 जून । हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री से पहले ही मौसम के कड़े तेवर बने हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 22 जून तक मौसम खराब बना रहेगा। 19 जून को शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा और कांगड़ा में येलो अलर्ट रहेगा।

20 और 21 जून को लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष दस जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जून के आसपास मानसून हिमाचल में दस्तक दे सकता है।

इसी बीच राजधानी शिमला में मानसून पूर्व भूस्खलन की घटना ने संकेत दे दिया है कि बारिश का दौर बढ़ने के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में जोखिम भी बढ़ सकता है। शिमला के ढली-संजौली बाईपास पर आज शाम पहाड़ दरकने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस भूस्खलन से किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने इस बाईपास को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है।

सिरमौर के राजगढ़ में सबसे ज्यादा 45 मिमी बारिश, तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सिरमौर के राजगढ़ में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि शिमला जिले के जुब्बड़हट्टी और सराहन में 25-25 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जोत में 21, बाग्गी में 18, सुंदरनगर में 17, पालमपुर में 16, मुरारी देवी में 15, मंडी में 14, भरेड़ी में 13 और भुंतर में 9 मिलीमीटर वर्षा हुई। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। शिमला का अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुंदरनगर में 33.9, भुंतर में 32.6, कल्पा में 24.8, धर्मशाला में 32, ऊना में 35.2, नाहन में 33.3, केलांग में 18.3, सोलन में 31, मनाली में 25.5, कांगड़ा में 34.2, मंडी में 33.8, बिलासपुर में 34, चंबा में 32.3, जुब्बड़हट्टी में 29.1, कुफरी में 19.7, नारकंडा में 19.9 और ताबो में 24 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हमीरपुर के नेरी में 37.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।

ढली-संजौली बाईपास पर भूस्खलन, मानसून से पहले ही सामने आया खतरा

राजधानी शिमला में गुरुवार को ढली-संजौली बाईपास मार्ग पर भारी भूस्खलन होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। लोक निर्माण विभाग की टीमें मार्ग को बहाल करने में जुटी हैं, जबकि पुलिस ने लोगों से फिलहाल इस मार्ग का इस्तेमाल न करने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की अपील की है। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब प्रदेश में अभी मानसून ने औपचारिक दस्तक भी नहीं दी है। मौसम विभाग की आगामी दिनों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कों के बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।