जयपुर, 15 अगस्त । भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के आह्वान पर 17 अगस्त को राजस्थान सहित देशभर में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। आंदोलन में विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों, डाक, बीमा, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संविदा कर्मचारियों, योजना कर्मियों तथा असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिकों के शामिल होने का दावा किया गया है।
बीएमएस प्रदेश महामंत्री मुकेश सोलंकी ने बताया कि जयपुर में बीएमएस जयपुर जिला के कार्यकर्ता और श्रमिक राम मंदिर, पुराना पावर हाउस, रेलवे स्टेशन से 17 अगस्त की सुबह 11 बजे रैली के रूप में रवाना होंगे। रैली कलेक्ट्रेट पहुंचेगी, जहां सभा में परिवर्तित होने के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बीएमएस की स्थापना 23 जुलाई 1955 को स्वर्गीय दत्तोपंत ठेंगड़ी के नेतृत्व में हुई थी। संगठन के अनुसार स्थापना के समय से ही ‘राष्ट्रहित, उद्योगहित एवं श्रमिकहित’ के समन्वय को उसका मूल दर्शन बनाया गया है। संगठन का मानना है कि राष्ट्र मजबूत होगा तो उद्योग मजबूत होंगे और उद्योग मजबूत होने पर श्रमिकों का जीवन भी समृद्ध होगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ संघर्ष की राजनीति के बजाय ‘रिस्पॉन्सिव कोऑपरेशन’ यानी सकारात्मक सहयोग तथा आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष की नीति पर काम करता है। सरकार, उद्योग और श्रमिकों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन लगातार प्रयास करता है। श्रमिक हितों की उपेक्षा होने पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाता है।
प्रदेश महामंत्री मुकेश सोलंकी ने बताया कि बीएमएस ने केंद्र सरकार के समक्ष 11 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित करने, ईएसआईसी की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपए करने तथा ईपीएफ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग शामिल है।
संगठन ने न्यूनतम ईपीएफ पेंशन 7,500 रुपए प्रतिमाह करने और महंगाई राहत लागू करने, बोनस पात्रता की वेतन सीमा 42 हजार रुपए करने तथा योजना कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग की है। संविदा कर्मचारियों के लिए समान कार्य के समान वेतन सुनिश्चित करने और श्रमिक विरोधी प्रावधान समाप्त करने की भी मांग रखी गई है।
इसके अलावा बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने तथा बोनस गणना के लिए अधिकतम वेतन सीमा 18 हजार रुपए निर्धारित करने की मांग की गई है।
बीएमएस प्रदेश महामंत्री मुकेश सोलंकी ने कहा कि बढ़ती महंगाई, अस्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा की सीमित उपलब्धता और वेतन संबंधी विसंगतियों के कारण श्रमिक वर्ग को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को श्रमिकों की न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
संगठन ने श्रमिकों, कर्मचारियों और श्रमिक हितैषी नागरिकों से 17 अगस्त के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर श्रमिक एकता का परिचय देने की अपील की है।