सरकार व मिल्क फैड से खफा उत्पादकों ने जमीन पर बहा दिया दूध, कम गुणवत्ता बताकर लेने से किया मना

मंडी, 22 जून । प्रदेश के दुग्ध उत्पादक गुस्से में हैं। दुधारू पशुओं से उनके द्वारा जो भी दुग्ध उत्पादन किया जा रहा है उसकी मिल्क प्लांट के प्रबंधक पूरी खरीद नहीं कर रहे हैं। उत्पादकों का पैसा भी बहुत फंस गया है। मंडी में फिर से दुग्ध उत्पादकों ने प्रबंधन के कुप्रबंधन के चलते गुस्से में अपना सैंकड़ों लीटर दूध जमीन पर बहा दिया। इससे पहले भी सैंकड़ों लीटर दूध मंडी चक्कर मिल्क प्लांट के सामने इन दुग्ध उत्पादकों ने बहा दिया था तथा कई दिन तक धरना प्रदर्शन करते हुए दूध की खीर बनाकर या इसे निशुल्क ही मिल्क प्लांट के बाहर लोगों को बांट दिया था। दो दिन पहले ही एक ज्ञापन भी प्रबंधन व सरकार को एसडीएम बल्ह के माध्यम से भेजा गया था तथा विधायक इंद्र सिंह गांधी की अगुवाई में धरना प्रदर्शन किया गया था। अब फिर से यही वाक्या दोहराया गया।

जिले में बल्ह क्षेत्र के तहत भड़याल दुग्ध सोसाइटी में रविवार को उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया,जब मिल्क प्लांट चक्कर के अधिकारी भी संग्रह केंद्र पर पहुंचे हुए थे। इस दौरान जब पशुपालक रवि सैणी द्वारा दूध लाया गया तो प्रबंधकों ने इसे खराब होने का हवाला देकर लेने से इनकार कर दिया।

रवि सैणी ने बताया कि वह सुबह 6 बजे से दूध लेकर यहां खड़े हैं और 3 घंटे बाद उनका नंबर आया। जब उसका दूध नहीं लिया गया तो उसने गुस्से में आकर सारा दूध जमीन पर उड़ेल दिया। उन्होंने कहा कि संग्रह केंद्र की देरी व लापरवाही से गुणवत्ता में फर्क आया । इसमें उत्पादकों की कोई गलती नहीं है। इस दौरान सुक्खू सरकार मुर्दाबाद के नारे भी लगे।

चक्कर मिल्क प्लांट के यूनिट इंचार्ज विश्वकांत शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार दूध की क्वालिटी को लेकर विभिन्न दुग्ध सोसाइटियों की जनरल चेकिंग की जा रही है। इसी कड़ी में कोटली में निरीक्षण के दौरान भी कम गुणवत्ता पाए जाने पर कुछ लोगों का दूध रिजेक्ट किया गया था। वहीं बल्ह के भड़याल तथा मलवाणा क्षेत्र में औचक जांच की गई। इस दौरान भड़याल सोसाइटी में पहुंचे दूध की क्वालिटी बेहद कम पाई गई और वह तय मापदंडों पर खरा नहीं उतरा। उपभोक्ताओं की सेहत का हवाला देते हुए जब अधिकारियों ने इस दूध को स्वीकार करने से इनकार किया, तो वहां मौजूद कुछ लोग भड़क गए और दुग्ध कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए हंगामा शुरू कर दिया।

यूनिट इंचार्ज के मुताबिक दूध की खरीद रुकने से गुस्साए कुछ एक लोगों और विशेष रूप से रवि सैणी ने सोसाइटी परिसर में हंगामा खड़ा किया और ड्यूटी पर तैनात मिल्कफेड के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। उक्त व्यक्ति के खिलाफ इस तरह के दुर्व्यवहार की शिकायत पुलिस में पहले भी दर्ज करवाई जा चुकी है और घटना के बाद एक बार फिर पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम की लिखित रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेज दी गई है। प्रबंधन ने दो टूक कहा है कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।