लखनऊ, 14 जुलाई । राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान का 30वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को संस्थान के श्रुति सभागार में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों के 279 पास आउट छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। राज्यपाल ने सभी डिग्रियां डिजिटल रूप से डिजिलॉकर में अपलोड भी की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने बहराइच जिले के अधिकारियों को एच.पी.वी. टीकाकरण प्रमाणपत्र सौंपा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनवाड़ी किट वितरित कीं। राज्यपाल ने आंगनवाड़ी प्रणाली को मजबूत करने तथा एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की आवश्यकता और महत्व पर विशेष बल दिया। आनंदीबेन पटेल ने प्रशिक्षण की सीमाओं और उन क्षेत्रों पर भी विचार करने को कहा जहां डॉक्टरों को अधिक कुशल बनाने की आवश्यकता है। बाद में उन्होंने सुलभ और कुशल स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने में आरोग्य मंदिर, अक्षय पात्र और आयुष्मान भारत योजना के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पुरस्कार विजेताओं को उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के लिए बधाई दी। पास आउट होने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको पेशेवर जीवन में अपनी डिग्री प्राप्त करते समय ली गई शपथ के प्रति हमेशा सच्चा रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने मरीजों की देखभाल हमेशा करुणा, गरिमा और समर्पण के साथ करें।”
स्वागत भाषण उत्तर प्रदेश सरकार की चिकित्सा शिक्षा सचिव एवं महानिदेशक नेहा शर्मा द्वारा दिया गया। इसके बाद एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
डा. नारायण प्रसाद को मिला बेस्ट फैकल्टी’ का गवर्नर मेडल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अनुसंधान और क्लिनिकल एक्टिविटीज में उत्कृष्ट योगदान के लिए 13 संकाय सदस्यों और रेजिडेंट्स को सम्मानित किया गया। 2025–26 के लिए ‘बेस्ट फैकल्टी’ का गवर्नर मेडल नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर नारायण प्रसाद को प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान मेडिकल शिक्षा, रिसर्च, मरीज़ों की देखभाल और संस्थान के विकास में बेहतरीन लीडरशिप के लिए उनके शानदार योगदान के कारण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त राज्यपाल ने प्रो. सबरतनम और प्रो. गौरव अग्रवाल द्वारा लिखित एवं प्रोफेसर राजेश हर्षवर्धन द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया।